चुनाव आयोग ने सरकारी एजेंसियों को सही ढंग से इस्तेमाल करने को कहा
मौजूदा केंद्र सरकार पर विपक्ष के ओर से कई बार यह आरोप लगते रहे हैं कि सरकार जांच एजेंसियों का प्रयोग बदला लेने के लिए कर रही है। सरकारी एजेंसियां स्वतंत्र नहीं रह गई हैं। एक दो बार नहीं बल्कि विपक्ष इस बात को सदैव ही कहता रहता है। ऐसे में चुनाव आयोग ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट को एक खत लिखकर चुनाव के समय सरकार को सरकारी एजेंसियों का निष्पक्ष रुप से प्रयोग करने को कहा है।
चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को सख्त चेतावनी और कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि चुनाव के समय सरकारी एजेंसियों का प्रयोग निष्पक्षता से किया जाना चाहिए और वह प्रयोग भेदभाव रहित होना चाहिए। आपको बता दें कि यह पत्र चुनाव आयोग ने रेवेन्यू सेक्रेटरी को लिखा है। आयकर विभाग ,प्रवर्तन निदेशालय और डीआरआई जैसी एजेंसी रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अंतर्गत ही काम करती हैं। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि आचार संघिता के समय यदि कोई पार्टी या कोई प्रत्याशी पैसे का प्रयोग गलत ढंग से करता हुआ मिल जाता है तो सबसे पहले मुख्य चुनाव अधिकारी को सूचित किया जाना चाहिए।
रविवार को आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पूर्व विशेष अधिकारी रहे प्रवीण कक्कड़ के घर पर छापेमारी की थी। मध्य प्रदेश, गोवा और दिल्ली सहित लगभग 50 जगहों पर छापेमारी की गई थी। जिसमें 300 से ज्यादा अधिकारी लगे थे। प्रवीण कक्कड़ को दिसंबर में मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते समय कमलनाथ का विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया था। मगर लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके पहले इस तरह के छापे तमिलनाडु ,आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी हुए थे। जिसके बाद से विपक्षी दलों ने लगातार यह आरोप लगाने का सिलसिला जारी रखा की एजेंसियों का प्रयोग बदला लेने के लिए गलत तरीके से किया गया है।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव के समय धन का प्रयोग गलत तरीके से होता है। जिसके कारण निष्पक्ष और साफ सुथरा चुनाव कराने में बाधा होती है। अतः इन सब को निष्पक्ष रुप से रोका जाना चाहिए। एक तरफा कार्यवाही करके नहीं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



