श्रीलंका के खिलाफ मैच से पहले संन्यास को लेकर धोनी का बड़ा बयान
पूर्व भारतीय कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी से संन्यास को लेकर अब अटकलें तेज हो चुकी हैं। धोनी के लिए यह आखिरी विश्वकप हो सकता है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। कुछ दिनों पहले बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए मैच में अलग अलग स्टीकर लगे बैट बदलकर धोनी एक संकेत भी दे दिया है। उनके मैनेजर ने बताया कि धोनी अलग-अलग स्टीकर लगे बैट से इसलिए खेल रहे थे क्योंकि वह सभी कंपनियों को धन्यवाद दे रहे थे। जिन्होंने उनके बुरे समय में उन्हें सपोर्ट किया। श्रीलंका के खिलाफ मैच से पहले सन्यास को लेकर धोनी का बड़ा बयान सामने आया है।
अपने बयान में धोनी ने कहा बात
भारतीय टीम को विश्व कप में अपना आखिरी लीग मैच श्रीलंका के खिलाफ खेलना है। भारत पहले से ही विश्व कप सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुका है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ खेला जाने वाला आखिरी मैच उसके लिए केवल एक मौका होगा ताकि उन खिलाड़ियों को मौका दिया जा सके। जिन्होंने अब तक विश्व कप में एक भी मैच नहीं खेला है। इसमें से पहले धोनी ने संन्यास को लेकर कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि मैं श्रीलंका के खिलाफ मैच के बाद सन्यास ले लूं। मगर मुझे अभी तक यह खुद नहीं पता कि मैं संन्यास का ऐलान कब करुंगा। हालांकि इस बात को लेकर धोनी का इशारा रवि शास्त्री और विराट कोहली की तरफ नहीं था। दोनों ही धोनी को पूरी तरह अपना समर्थन दे रहे हैं।
धीमी बल्लेबाजी को लेकर हो रही है आलोचना
आखिर तक विकेट पर टिके रहकर महेंद्र सिंह धोनी ने कितने भी मैच भारत को जी रहे हो। मगर यदि वह परिस्थितियों के अनुसार कभी धीमी बल्लेबाजी कर लेते हैं तो लोग उनकी आलोचना शुरू कर देते हैं। इस विश्वकप में भी धोनी की आलोचना अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ धीमी बल्लेबाजी को लेकर हुई। इंग्लैंड के खिलाफ धोनी के अंगूठे पर चोट लगी हुई थी। जिससे उनके अंगूठे से खून निकल रहा था। मगर फिर भी धोनी ने आखरी तक बल्लेबाजी करके टीम का रन रेट अच्छा करने का प्रयास किया।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



