दिल्ली मुखर्जी नगर काण्ड का खलनायक आखिर है कौन ?
इन दिनों दिल्ली का मुखर्जी नगर काण्ड बेहद ट्रेंडिंग होता जा रहा है| मुखर्जी नगर में ऑटो चालक सरबजीत की पिटाई का मामला जब से सोशल मीडिया पर आया है लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं| इस मामले का एक पक्ष यह है कि सरबजीत जब कृपाण हाथ में लहरा रहा था तब एक ही पुलिस वाले ने उसको रोकने की कोशिश करी| उस पुलिसवाले का मकसद था उसके हाथ से वह कृपाण हर हालत में छीनना जबकि बाकी पुलिसवाले उसका कृपाण देख कर दूर छिटक रहे थे|
कायदे से देखें तो वही पुलिसवाला अपना फर्ज निभा रहा था लेकिन एक दूसरा पक्ष भी है कि इन पुलिसवालों ने सरबजीत को बुरी तरह पीटा| जिसके बाद पूरा मुखर्जी नगर पुलिस के खिलाफ हो गया और सिख समुदाय देश के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर प्रदर्शन करने को आ गया|
यह घटना रविवार को घटी और जैसे ही इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया तेजी से देना शुरू कर दिया| किसी ने पुलिस वालों को तो किसी ने सरबजीत को इस पूरी वारदात का खलनायक ठहरा दिया मगर तस्वीरों को किसी भी प्रकार से झूठा नहीं कहा जा सकता|
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दिल्ली मुखर्जी नगर काण्ड : यह सच है ………
यह सच है कि पुलिस वालों ने सरबजीत को बुरी तरह से पीटा मगर यह भी दूसरा सच है कि सरबजीत ने सरेआम नंगी तलवार लहराई वह भी उसके धर्म का एक चिन्ह होने के बाद| खासकर दिल्ली पुलिस के कर्मी योगराज शर्मा पर जो इस वीडियो में सरबजीत से तलवार छीनते नजर आ रहे हैं| लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी है| योगराज ही वह अकेले पुलिस ऑफिसर थे जिन्होंने नंगी तलवार लहराने वाले ऑटो चालक से भिड़ंत की|
वीडियो ध्यान से देखने पर आपको समझ में आ जाएगा कि पुलिसकर्मी योगराज शर्मा ने अपनी जान के बिना परवाह किए सरबजीत को पकड़ा जबकि बाकी पुलिसवाले तो दूर हो रहे थे| उनके हाथ में डंडे थे|
योगराज शर्मा निहत्थे थे और सरबजीत को पकड़ने की उन्होंने पूरी कोशिश की लेकिन सरबजीत खुद को छुड़ाकर जमीन पर गिर चुकी तलवार को उठाता है और योगराज तरफ दौड़ने लगता है| वह उन पर पूरे जोर से तलवार से पहले पैर पर और फिर अगला वार उनके सिर पर करता है|
घायल होने के कारण भी योगराज सरबजीत को लगातार रोकने की कोशिश करते है लेकिन बाकी पुलिस वाले अभी भी उसके हाथ में तलवार देखकर बचने की कोशिश कर रहे हैं मगर योगराज हार नहीं मानते और ड्राइवर सरबजीत के हाथ तलवार छुड़ाने की कोशिश में लगे है इस कोशिश में वह घायल हो जाते है|
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ तो विशेषकर सिख समुदाय और अन्य लोगों ने मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन और शालीमार पुलिस स्टेशन पर जमकर कोहराम मचाया|
यहां तक कि लोगों ने दिल्ली पुलिस के एसीपी केजी त्यागी को भी नहीं छोड़ा| तस्वीरों – वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग उन पर चारों तरफ से हमला करते हुए लोग हुए टूट पड़ते हैं और उनकी पिटाई भी कर दी गई|
अब तक इस मामले में तीन पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है और इस मामले की जांच फिलहाल दिल्ली क्राइम ब्रांच कर रही है| इस मामले में पुलिस पक्ष और ऑटो चालक पक्ष की तरफ से एफआईआर दर्ज करवाई गई है|
जहां दिल्ली पुलिस सरबजीत और के 15 साल के बच्चे की पिटाई करते हुए खलनायक बनती दिख रही है तो वहीं दूसरा पक्ष यह है कि गलती सरबजीत की भी है जिसने नंगी तलवार लहरा कर पुलिस पर हमला किया और इस मामले को शुरू किया लेकिन दुर्भाग्य यह है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते नेता लोगों ने इसे धार्मिक रंग दे दिया है जिसके कारण यह सिख समुदाय से जुड़ गया है जो कि नहीं होना चाहिए था| तो वास्तव में दिल्ली मुखर्जी नगर कांड का मुख्य खलनायक नेता है ना कि कोई और|
इस पूर्व मिस इंडिया के साथ कोलकाता में हुई ऐसी शर्मनाक घटना

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

