शत्रुघ्न सिन्हा का फैसला, राहुल से मुलाकात करने के बाद किया बड़ा एलान
गौरतलब है कि शत्रुघ्न सिन्हा आज कल अपनी राजनीती के कारण खूब सुर्खियां बटोर रहे है। जी हां इसी राजनीती के चलते अब यह खबर सामने आई है कि शत्रुघ्न जी बीजेपी का साथ छोड़ने के बाद अब राहुल गाँधी का हाथ थाम सकते है। दरअसल हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा ने इस मुद्दे को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ दी है और इसके साथ ही शत्रुघ्न सिन्हा का फैसला भी सामने आ चुका है। बता दे कि आएं दिन भाजपा के विरुद्ध बोलने वाले शत्रुघ्न सिन्हा असल में कोई नया ठिकाना ढूंढ रहे थे। जिसके चलते वह कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी से उनके आवास पर मुलाकात करने पहुंचे। अब यूँ तो शत्रुघ्न सिन्हा ने पटना से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है, लेकिन फिर भी अब तक कोई खास बात नहीं बन पाई है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने दिल्ली में राहुल गांधी से की मुलाकात

पायलट अभिनंदन की नकली पत्नी फेक वीडियो : सरकार के विरुद्ध कांग्रेस के प्रोपेगंडा वीडियो से रहिये दूर !
शत्रुघ्न सिन्हा का फैसला..
हालांकि अगर खबरों की माने तो पटना सांसद ने इसी बीच एक बड़ा एलान भी कर दिया है। जी हां उन्होंने घोषणा करते हुए बताया कि वह अब जल्दी ही कांग्रेस में शामिल होने वाले है। इसके साथ ही पटना सांसद का कहना है कि वह नवरात्रि की शुरुआत होने के बाद ही कांग्रेस का दामन थामेंगे। दरअसल राहुल गाँधी से मुलाकात करने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि अगर शुभ कार्य की शुरुआत किसी शुभ दिन पर की जाएँ तो इससे सफलता जरूर मिलती है। शायद यही वजह है कि वह छह अप्रैल से कांग्रेस पार्टी का हाथ थामेंगे। यानि शत्रुघ्न सिन्हा का फैसला यही है कि अब वह कांग्रेस पार्टी में ही सब को खामोश कहते हुए नजर आएंगे।
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पटना से ही लड़ेंगे चुनाव लेकिन पत्नी पूनम पर सस्पेंस बरकरार
वैसे हम तो शत्रुघ्न सिन्हा जी से यही कहेंगे कि शुभ कार्य का फल भी केवल तभी मिलता है, अगर उसे अच्छी नियत और अच्छे इरादों के साथ सम्पन्न किया जाएँ। इसलिए हम तो केवल यही राय देंगे कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले एक बार दोबारा जरूर सोच ले।
राजनीती से जुडी हुई और भी मजेदार और लेटेस्ट न्यूज़ अब केवल India Alive पर

hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।



