मुद्दाहीन कांग्रेस ने पीएम मोदी के माता-पिता पर घटिया टिपण्णी कर दिखाया अपना ओझा रंग
देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को 2019 के लोकसभा चुनावों से पहला का सेमिफाइनल जाना रहा जिसमें जीत प्राप्त कर विपक्षी कांग्रेस, पक्षी भाजपा से लेकर क्षत्रप तक एक दूसरे के ऊपर आगामी बढ़त बनाने का भरसक प्रयास करेंगे | कोई किला फ़तेह किसी का गढ़ छीन जायेगा लेकिन हर क्षेत्र में एक व्यवहार ही है जो काम आएगा | मुद्दाहीन कांग्रेस ने पीएम मोदी के माता-पिता पर घटिया टिपण्णी कर अपनी छवि ख़राब की है।
मुद्दाहीन कांग्रेस ने पीएम मोदी के माता-पिता पर घटिया टिपण्णी कर दिखाया अपना ओझा रंग
साल 2017 तक प्रेम और इज़्ज़त की राजनीति का राग अलापने वाली कांग्रेस निरंतर हारों से इतना बौखला चुकी है कि अपने नामदार राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी के यू -टर्न लेने पर उसने नफरत की बंसी बजाना आरम्भ कर दिया है| नवंबर में तीन शीर्षतम नेताओं ने अपनी नीचतम ज़ुबान में देश ही नहीं अपितु विश्व में कांग्रेस ने पीएम मोदी के माता-पिता पर घटिया टिपण्णी करते हुए अपनी पार्टी की दोगली छवि को नंगा कर डाला है|
सबसे पहले बात कांग्रेस राज में रेल मंत्री रहे सीपी जोशी की जिन्होंने खुद के अंदर का असली ब्राह्मण जाग जाने के बाद हिन्दू धर्म में कौन असली-नकली की सूची जारी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को हिन्दू धर्म से खारिज कर दिया क्यूंकि वह पिछड़ी जाति से है | उनके इस कुतर्की विवादित बयान पर खुद राहुल गाँधी को उन्हें फटकार लगानी पड़ी और कुछ ही देर में सीपी जोशी को सावर्जनिक तौर पर माफ़ी मांगनी पड़ी|
कांग्रेस ने पीएम मोदी के माता-पिता पर घटिया टिपण्णी : फिर दूसरे किस्सों में पूर्व केंद्रीय मंत्री विलासराव मुत्तेमवार की जिन्होंने पीएम मोदी और राहुल गाँधी की परिवारों की तुलना करते हुए अपनी पार्टी मीटिंग में कहा कि राहुल के परिवार को सब लोग पीढ़ी दर पीढ़ी जानते है किन्तु मोदी के पिता और परिवार को आज तक कौन जानता था ? विवाद बढ़ता देख राहुल गाँधी के चाटुकार नेता ने वीडियो को तोड़मरोड़ कर पेश करने की बात कही जो कि किसी को न पचा ही नहीं | क्या करें ? कांग्रेसी गलतियां कर माफ़ी कहाँ मानते है ? माफ़ी मांगने का तो सवाल न पूछिए |

फ़िल्मी अभिनेता से नेता बने राजबब्बर तो रील के विलन की तरह रियल लाइफ में भी खुद को खलनायक साबित करते हुए कांग्रेस ने पीएम मोदी के माता-पिता पर घटिया टिपण्णी कर, बेतुका बयान देते हुए उसे डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपये की बढ़ती कीमत से जोड़ बैठे | जब बब्बर को गलती का एहसास हुआ तो चुपचाप होकर बैठना ही उन्हें सही लगा क्योंकि न ही सफाई न ही माफ़ी की गुंजाईश थी|
नक्सलवादियों के पक्ष में ट्वीट करना हो या अभी हाल में कांग्रेस हो चुके नवजोत सिद्धू की रैली में पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे | कांग्रेस ने पीएम मोदी के माता-पिता पर घटिया टिपण्णी कर ये साबित किया है की कांग्रेस हमेशा ही दोगलापन का टॉप ब्रांड बन कर दुनिया भर में कुख्यात हो चुकी है | नामदार राहुल गाँधी का आज कुछ सोचना और कल कुछ कहने की लत लग चुकी है इसलिए कभी शिष्टाचार की बात करने वाले राहुल गाँधी खुद ही जब पीएम नरेंद्र मोदी के ऊपर सवाल खड़ा कर देते है कि वह कैसे हिन्दू है ? तो उनके सिपहसलारों से क्या उम्मीद करते है ? जो खुद ही उनको खुश करने के लिए उनके ही आदेश पर ऐसा बयान देते है जब बात फँस जाती है तो सफाई ,माफ़ी और इस्तीफे का दौर शुरू हो जाता है लेकिन कांग्रेस का होता नुक्सान बढ़ता ही चला जाता है जिसे स्वयं पीएम मोदी जी ने कहते हुए साबित कर दिया कि कांग्रेस के असली मुद्दे नहीं है और उसे असल में सत्ता चाहिए |
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