प्रियंका रेड्डी गैंगरेप मर्डर केस : मृतिका के परिवार से मिलने के बजाय दिल्ली में शादी अटेंड करने पहुँचे सीएम केसीआर
प्रियंका रेड्डी गैंगरेप मर्डर केस : ऐसे समय में जब पूरा देश तेलंगाना के साइबराबाद में 27 वर्षीय महिला डॉक्टर प्रियंका रेड्डी की निर्मम बलात्कार और हत्या से आक्रोशित है तो वहीँ बेशर्मी का उम्दा उदारहण पेश करते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव सोमवार रात एक हाई-प्रोफाइल शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे।
दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने पर, जब शादी समारोह के लिए दिल्ली यात्रा पर मुख्यमंत्री को एक इंग्लिश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर का सामना करना पड़ा तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से परहेज किया।
राव की यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब साइबराबाद में डॉक्टर युवती के साथ बलात्कार और हत्या – जो कि एक सुरक्षित शहर माना जाता था ने देश को लोगों का गुस्सा सड़को पर ला दिया है। निश्चित रूप सीएम केसीआर की आलोचना हर तरफ हो रही है जो मृतिका के परिवार से मिलने के बजाय दिल्ली में शादी अटेंड करने आये हुए है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को देश भर में देशव्यापी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन होने के बाद पशुचिकित्सक डॉक्टर प्रियंका रेड्डी के बलात्कार और हत्या के मामले की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालत की स्थापना का निर्देश दिया था।
भीषण हादसे की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरोपियों से जल्द पूछताछ की जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
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प्रियंका रेड्डी गैंगरेप मर्डर केस : क्या हुआ है अब तक
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि महिला पशु चिकित्सक की घिनौनी हत्या के आरोपियों से शीघ्रता से पूछताछ की जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि सीएम ने मामले से निपटने के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है।
याद दिला दें कि 27 नवंबर को महिला को काम से घर लौटते समय हैदराबाद के बाहरी इलाके शमशाबाद में बाहरी रिंग रोड के टोंडुपल्ली टोल प्लाजा के पास कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया और आग लगाकर उसकी हत्या कर दी गई। पशु चिकित्सक का शव हैदराबाद-बेंगलुरु राजमार्ग पर रंगा रेड्डी जिले के शादनगर टाउन के पास पाया गया।
शुक्रवार को इस शर्मनाक आपराधिक घटना के सिलसिले में 20 और 24 साल की उम्र के सभी लॉरी श्रमिकों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें शनिवार को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। दस पुलिस वाली एक टीम घटना की जांच कर रही है।
इस घटना ने हजारों लोगों को सड़को पर विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर कर दिया जिसमें लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शुक्रवार को जब चारों आरोपी पुलिस थाने से जेल की ओर भागे तो कुछ लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर पत्थर फेंके थे।
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

