नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइल्स हुई अवर्गीकृत
नेताजी सुभाष चंद्र बोस फाइल्स : सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज से संबंधित सभी अभिलेखों को अवर्गीकृत किया है और उन्हें भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखा है। इस मामले में संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (MoS), प्रहलाद सिंह पटेल ने एक लिखित जवाब में लोकसभा को अवगत कराया।
“कुल 304 अघोषित रिकॉर्ड और फाइलें स्थायी प्रतिधारण के लिए भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में स्थानांतरित कर दी गई हैं। 304 फाइलों में से, 303 फाइलें नेताजी वेब पोर्टल यानी www.netajipapers.gov.in पर पहले से अपलोड हैं, “सरकार के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है। भारत का राष्ट्रीय अभिलेखागार भारत सरकार की अघोषित फाइलों और अभिलेखों का संरक्षक है। 1997 में भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार को रक्षा मंत्रालय से भारतीय राष्ट्रीय सेना (आज़ाद हिंद फ़ौज) से संबंधित अवर्गीकृत 990 फाइलें मिली थीं।
उद्धव ठाकरे शपथ ग्रहण से जुड़ी मुख्य बातें
नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइल्स से सच सामने आना बाकी
2012 में, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने खोसला आयोग और न्यायमूर्ति मुखर्जी जांच आयोग से संबंधित एक और 1030 फाइलों को रद्द कर दिया। इनमें से 271 फाइलें खोसला आयोग से और 759 न्यायमूर्ति मुखर्जी जांच आयोग से जारी की गईं। ये सभी फाइलें सार्वजनिक रिकॉर्ड नियम, 1997 के तहत पहले से ही जनता के लिए उपलब्ध हैं। संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। आज घोषित की गई 304 फाइलों में से 58 प्रधान मंत्री कार्यालय से, 37 MHA से, 200 विदेश मंत्रालय से, और 9 कैबिनेट सचिवालय से हैं।
कांग्रेस पक्षी पत्रकार मानक गुप्ता ने फेक न्यूज़ पर हद पार कर दी
मोदी सरकार ने अपने कमिटमेंट के तहत नेताजी बोस से जुड़ी हुई फाइलों को अवर्गीकृत तो कर दिया किन्तु एक बात यहाँ ध्यान देने लायक है कि इससे नेताजी की मौत से जुड़ी तमाम कांस्पीरेसी थेओरीज़ पर विराम लग जायेगा ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री द्वारा बनाई गई ताशकंत फाइल्स में लाल बहादुर शास्त्री जी की मौत से जुड़े रहस्यों पर से पर्दा तो उठा ही दिया गया है किन्तु नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जुड़ी अंतिम सच्चाई सामने आनी बाकी है जिसका कि देश की जनता को इंतज़ार है।

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

