सवर्णों के 10% आरक्षण पर हो रहा बवाल आप ने कहा कही ये चुनावी जुमला ना बन जाये
साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार ने एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है । मोदी कैबिनेट में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को शिक्षा और नौकरियों 10 फ़ीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दे दी है । सवर्णों के 10% आरक्षण के तहत गरीब सवर्णों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा । सवर्णों के 10% आरक्षण का लाभ मिले इसके लिए सरकार को संविधान में उचित संशोधन करना होगा । गौरतलब है कि सरकार सदन में प्रस्ताव जल्द ही ला सकती है ।
सवर्णों के 10% आरक्षण – आम आदमी पार्टी बता रही है चुनावी स्टंट
मोदी सरकार की परम कट्टर विरोधी आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के इस फैसले का स्वागत करते हुए उसका समर्थन की बात कही है और आने वाले समय में सरकार के साथ खड़े होने की भी बात कही है लेकिन दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने यह आशंका भी जता दिया है कि कहीं ना कहीं यहां आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मोदी सरकार के द्वारा दिया गया देश के लोगों को दिया गया एक चुनावी जुमला भी हो सकता है ।
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार चुनाव के पहले ही संविधान में सवर्णों के 10% आरक्षण को लेकर संशोधन करें तभी हम सरकार का साथ देंगे । अगर सरकार जवानों के 10 % आरक्षण पर संशोधन का संविधान में संशोधन नहीं करती है । उससे स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपा भारतीय जनता पार्टी का चुनाव के पहले केवल एक चुनावी स्टंट है ।
सवर्णों के 10% आरक्षण पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने किया ट्वीट
सवर्णों के 10% आरक्षण पर राज्य सभा के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया है उन्होंने कहा अपने ट्वीट में लिखा है कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग जातियों के लिए मोदी सरकार ने 10% आरक्षण का स्वागत योग्य चुनावी जुमला देश के जनता के बीच छोड़ दिया है । उन्होंने बताया कि ऐसे और भी कई जुमले हैं राज्यों के द्वारा किए गए हैं और समय-समय पर लिए गए हैं । जिनमें 50 परसेंट से अधिक आरक्षण पर कोर्ट ने रोक भी लगा दिया है ।
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