क्या सीएम उद्धव ठाकरे देवेंद्र फडणवीस का सामना कर पाएंगे ?
सीएम उद्धव ठाकरे कर सकेंगे देवेंद्र फडणवीस का सामना ?अब महाराष्ट्र की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ़ हो चुकी है लेकिन सवाल है कि अभी भी बना हुआ है. अब शिवसेना के सीएम आज तक इलेक्टोरल पॉलिटिक्स से दूर रहने वाले उद्धव ठाकरे होंगे जिन्होंने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे के कट्टर हिंदुत्व से समझौता करते हुए धुर विरोधी एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलकर सत्ता खुद के मिले जनादेश के खिलाफ जाकर हथिया ली.
अब सदन में एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना का अवसरवादी बेमेल गठबंधन सत्ता पक्ष तो भाजपा और अन्य क्षत्रप दल विपक्ष में बैठेंगे. सत्ता पक्ष के नेता यानी सीएम उद्धव ठाकरे तो विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस होंगे. अब ऐसे में एक समय साथ रहे इन दोनों नेताओं का महाराष्ट्र की पॉलिटिकल महाड्रामा के बाद साथ आना बेहद ही रोचक होगा हालाँकि हिन्दुत्वादी महाराष्ट्र के वोटर को ठेस ज़रूर पहुंची होगी लेकिन शिवसेना ने सत्ता के लालच में आकर हिंदुत्व से से समझौता कर लिया है.
उद्धव ठाकरे हमेशा चुनाव की राजनीति से दूर रहे है और देवेंद्र फडणवीस दो बार मुख्यमंत्री रह चुके है. उद्धव कैसे फडणवीस के दांव-पेंच का सामना कर सकेंगे यह कह पाना बेहद कठिन है क्योंकि सदन में उनके साथ शरद पवार नहीं रहने वाले है और न ही उनके गुरुमन्त्री संजय राउत.
कांग्रेस पक्षी पत्रकार मानक गुप्ता ने फेक न्यूज़ पर हद पार कर दी
सीएम उद्धव ठाकरे क्यों साबित होंगे कमज़ोर ?
उद्धव ठाकरे ज़ाहिर तौर पर एकनाथ शिंदे जो शिवसेना के गटनेता चुने गए थे, उनसे ही सलाह लेंगे लेकिन सामना तो उन्हें अनुभवी देवेंद्र फडणवीस का करना ही पड़ेगा और वैसे भी नरम रहने वाले उद्धव तेज़-तर्रार फडणवीस के सवालों का जवाब उतनी ही बेबाकी से देंगे यह उम्मीद करना भी बईमानी.
इसके पीछे साफ़ वजह है उनका सत्ता और चुनावी राजनीति से दूर रहना. मातोश्री से माइक पर सरकार चलने वाले उद्धव को कल सदन के माइक पर फडणवीस से दूर चार करना होगा और जनता को तभी दिख जायेगा एक मंझे हुए पूर्व सीएम और एक कच्चे नेता से बने बिना चुने ही बने सीएम के बीच का अंतर. तब तक के लिए जय महाराष्ट्र !

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

