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Army Chief बिपिन रावत हुए रिटायर, कहा- अब अगले सेना प्रमुख करेंगे उचित कार्रवाई

साल 2020 आने में अभी 1 दिन बाकी है और उससे पहले ही भारतीय सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने आज 3 वर्ष का कार्यकाल समाप्त कर अपने पद से रिटायर हो गए। जनरल बिपिन रावत ने अपने आखिरी कार्यकाल दिवस पर वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पद संभालने से पूर्व उन्होंने सेना के सभी जवानों को बधाई भी दी।

रिटायर हुए ‘सेना प्रमुख’ बिपिन रावत

हालाँकि आपको ये भी बता दें कि इस पद से रिटायर होने के साथ ही जनरल रावल को एक नया पदभार सौंपा जा चुका है और वो है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद। इससे पहले आपको यह भी बता दें की सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बनने पर अमेरिका ने बधाई दी है।

फिलहाल आपको बताते चलें कि अब जनरल मनोज मुकुंद नरवणे देश के अगले सेना प्रमुख के लिए चुने जायेंगे जिनको जनरल रावत ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब सेना की जिम्मेदारी मनोज मुकुंद के कन्धों पर है जिसे वो पूरी निष्ठा से साथ निभाएंगे और सेना को और भी आगे ले जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने सभी जवानों को वह नए साल की शुभकामनाएं भी दी। जनरल मनोज मुकुंद नरवणे श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स का हिस्सा रह चुके हैं और सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि वे तीन साल तक म्यांमार में भी रहे।

क्या होता है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का कार्य

निश्चित रूप से यह शब्द बहुत सरे लोगों के लिए नया होगा तो कई इससे पूरी तरह से अनभिग्य भी होंगे, आपको बता दें कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद का यह अर्थ होगा कि इस पद पर बैठने वाला व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री के लिए महत्वपूर्ण रक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर सरकार के सलाहकार के रूप में कार्य करेगा। यहाँ पर ध्यान देने वाली बता ये होगी कि यह कार्य केवल एक व्यक्ति ही करेगा यानि की चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ। सिर्फ इतना ही नहीं परमाणु मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री के सैन्य सलाहकार के रूप में भी यह काम करेगा।

119 सालों में नहीं पड़ी ऐसी ठंड, टूटा सारा रिकॉर्ड

बिपिन रावत ने 31 दिसंबर, साल 2016 में सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला था और आज 31 दिसम्बर 2019 को अपना तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर रिटायर हुए। अब कल यानी की नए साल के पहले ही दिन वो देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर पद ग्रहण कर लेंगे। जनरल रावत ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम भी दिया। आपको ये भी बताते चलें कि जनरल रावत को उनके 38 वर्ष के कार्यकाल में उन्हें कई गैलेंटरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

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