सेमीफाइनल की रात इस डर से नहीं सो सके रॉस टेलर
30 मई से इंग्लैंड और वेल्स में खेला जा रहा क्रिकेट विश्वकप अब अपने आखिरी चरण में है। 14 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में फाइनल खेले जाने के बाद इस टूर्नामेंट का अंत हो जाएगा। सभी टीमों का सफर इस टूर्नामेंट में लगभग शानदार रहा। अब क्रिकेट विश्वकप के सेमीफाइनल को लेकर कुछ कहानियां भी सामने आ रही हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप का पहला सेमीफाइनल जुलाई को खेला गया। मगर बारिश के कारण रेफरी ने इस मैच को रिजर्व डे के दिन पूरा करवाया। हाल ही में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज रॉस टेलर ने खुलासा किया है कि 9 जुलाई की सेमीफाइनल की रात में रॉस टेलर भारतीय गेंदबाज के डर के कारण नहीं सो पाए थे। उन्हें अगले दिन मैच में भारतीय गेंदबाजों का डर सता रहा था।
सता रहा था इस भारतीय गेंदबाज का डर
जब 9 जुलाई को बारिश के कारण रेफरी ने खुद खेल रोक दिया था। उसके बाद उस रात को रॉस टेलर को नींद नहीं आई। इसके कारण का खुलासा करते हुए टेलर ने बताया कि जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार भारत के लिए डेथ ओवर के स्पेशलिस्ट माने जाते हैं। ऐसे में मैं उस रात 3:00 बजे ही उठ गया और मैं यह सोच रहा था कि मुझे अगली सुबह जाकर मैदान पर कैसे बल्लेबाजी करनी है। मुझे बार-बार जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार की डेथ ओवर्स की गेंदबाजी की याद सता रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था कि क्या मैं इसके लिए तैयार हूं या नहीं। दरअसल रॉस टेलर ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की तरफ से सबसे अधिक 74 रनों की पारी खेली थी। इसी कारण न्यूजीलैंड 239 रन के स्कोर तक पहुंच सका।
टेस्ट जैसा हो रहा था महसूस
रॉस टेलर ने यह भी कहा कि 1 दिन बल्लेबाजी के बाद जब खेल रुक गया तो टेस्ट की तरह महसूस हो रहा था। जैसे कोई टेस्ट मैच चल रहा हो और आपको अगले दिन भी जाकर बल्लेबाजी करनी है। अगले दिन बल्लेबाजी करने का हमारा उद्देश्य ही था कि हम लास्ट तक टिके रहें और जिसके बाद हमने 240 रन का लक्ष्य भारतीय टीम को दिया।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



