ओप्पो ने की भारतीय टीम का साथ छोड़ने की तैयारी, नए स्पॉन्सर की तलाश में बीसीसीआई
विश्व कप 2019 में खेले गए पहले सेमीफाइनल के मैच में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद अब बहुत कुछ बदलने जा रहा है। विश्व कप के लीग मैचों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद जिस तरह से टीम इंडिया सेमीफाइनल मैच में हारी उसके बाद टीम को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। यह भी खबरें आई कि भारतीय टीम में सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। वर्तमान भारतीय कप्तान विराट कोहली की कप्तानी पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। तो वही कुछ रवि शास्त्री को भी हटाए जाने की मांग हो रही है। इसी बीच यह खबर आई है कि ओप्पो विश्व कप में मिली हार के बाद भारतीय टीम को आगे स्पॉन्सर नहीं करेगी। इसीलिए अब बीसीसीआई नए स्पॉन्सर की तलाश में लग गई है।
अगले साल भारतीय जर्सी पर नहीं दिखेगी ओप्पो
विश्व कप 2019 में भारत को मिली हार के बाद अप्पू ने भी अब भारतीय टीम की जर्सी से हटने का फैसला कर लिया है। इसके लिए उसने बीसीसीआई से भी बात कर ली है। बीसीसीआई भी अब नए स्पॉन्सर की तलाश में जुट गया है। ओप्पो ने मार्च 2017 में भारतीय टीम की स्पॉन्सरशिप ली थी। इसके लिए उसने बीसीसीआई को कुल 1079 करोड रुपए की बोली लगाई थी। इसमें उसने विवो को पीछे छोड़ा था। जिसने 761 करोड रुपए की बोली लगाई थी। ओप्पो भारतीय टीम को एक मैच के लिए 4.61 करोड रुपए देती है। हालांकि यह उम्मीद की जा रही है कि अगले वर्ष से भारतीय टीम की जर्सी पर ओप्पो का नाम नहीं दिखेगा। यह भी खबर मिली है कि एक डिजिटल टेक स्टार्ट अप ने स्पॉन्सरशिप के लिए बीसीसीआई से बात भी की है।
अपने भारतीय टीम की स्पॉन्सरशिप 5 साल के लिए हासिल की थी बीच में कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने पर बीसीसीआई ने भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान भी रखा है। मगर यदि ओप्पो भारतीय टीम के लिए दूसरा स्पॉन्सर ढूंढ दे तो वह इस जुर्माने से बच सकती है। इसके अलावा 2012 -13 में भारतीय टीम की स्पॉन्सर सहारा इंडिया कंपनी थी जो एक मैच के लिए भारत को 3.34 करो रुपए देती थी।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



