जेडीयू ने चार राज्यों में भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने का किया फैसला
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड पिछले कुछ समय से बिहार में एनडीए के गठबंधन का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी और नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में जेडीयू के सांसदों को उचित जगह ना मिल पाने के कारण नीतीश कुमार ने यह घोषणा कर दी थी कि जेडीयू एनडीए का तो हिस्सा रहेगी। मगर वह मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनेगी। अब जेडीयू ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में एक और निर्णय लेते हुए सबको चौंका दिया है। जेडीयू ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया है कि वह चार राज्यों में बिना एनडीए के ही चुनाव लड़ेगी। यह चार राज्य झारखंड, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर होंगे।
चार राज्यों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी जेडीयू

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बात की घोषणा की है कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी के साथ जेडीयू की दोस्ती उसी तरह बनी रहेगी और वह एनडीए का हिस्सा रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 2020 का विधानसभा चुनाव भी वह भाजपा के साथ मिलकर बिहार में लड़ेंगे। मगर बिहार से बाहर हरियाणा, झारखंड, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में जेडीयू अकेले ही चुनावी मैदान में उतरेगी। इसका कारण यह हो सकता है कि अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू को अप्रत्याशित जीत मिली। जेडीयू को अरुणाचल प्रदेश में 6 विधानसभा सीटों पर जीत मिली। जिसके बाद नीतीश कुमार ने यह फैसला लिया नीतीश कुमार अब सभी राज्यों के प्रमुखों से मिलकर अपने इस फैसले पर मुहर लगाएंगे।
एनडीए को बताया एकजुट
नीतीश कुमार ने बीजेपी और जेडीयू के बीच चली आ रही खींचतान के संशय को भी समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल में सांकेतिक भागीदारी का मुद्दा अब समाप्त हो गया है। जेडीयू और बीजेपी 2020 का बिहार का विधानसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ेगी। जेडीयू अभी एनडीए के साथ मजबूती से बनी हुई है और वह केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार को समर्थन देती रहेगी। मगर बिहार के बाहर वह अकेले ही चुनावी मैदान में उतरेगी।

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