ब्रिक्स बैठक में बोले प्रधानमंत्री- आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या
आतंकवाद को दुनिया के सामने सबसे बड़ी समस्या बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बैठक में कहा है कि आतंकियों को सहायता व समर्थन देने वाले देशों को दोषी ठहराया जाए और इस समस्या से संगठित तरीके से निपटा जाए। ब्रिक्स देशों के वर्चुअल शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने भाषण में पाकिस्तान का नाम सीधे तौर पर तो नहीं लिया लेकिन उनका इशारा पड़ोसी देश ही था। उन्होंने ब्रिक्स बैठक में यह भी संकेत दिया कि अब जबकि एक वर्ष के लिए भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा तो उसके लिए आतंकवाद बड़ा मुद्दा होगा। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स देशों की एक संयुक्त कार्ययोजना बनाने के लिए सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की एक समिति भी गठित करने का प्रस्ताव किया।
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मंगलवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष रूस की अगुवाई में आतंकवाद के खिलाफ समग्र रणनीति को अंतिम रूप देने का स्वागत किया और कहा कि भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान इस कार्य को आगे बढ़ाएगा। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के साथ-साथ विश्व व्यापार संगठन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा वैश्विक संस्थाओं की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं इसका मुख्य कारण यह है कि इन संगठनों में समय के साथ बदलाव नहीं हुआ और वे अभी भी 75 साल पुरानी विचारधारा के आधार पर संचालित हो रहे हैं भारत का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार बेहद जरूरी है इस विषय पर हम ब्रिक्स साझेदारों से समर्थन की उम्मीद करते हैं।

