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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम खुला पत्र

मध्यप्रदेश से India Alive के पाठक ने लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र:

आदरणीय मोदी जी,

स्तब्ध हूँ,व्यथित हूँ,निराश हूँ, नाराज हूँ,क्रोधित हूँ, 2019 के बाद आने वाले मंजर को लेकर भयभीत हूँ,घुट रहा हूँ,भीतर से रो रहा हूँ। ये जो मंजर देख रहा हूँ कभी सोचा न था कि 4 साल के सफल शासन के बाद ये भी होगा।

उम्मीदे बहुत थी,कुछ उम्मीदे पूरी हुई,कुछ जगह उम्मीद से ज्यादा मिला और कुछ उम्मीदे पूरी होने में समय लगता है,ये सब जानता हूं और मानता भी हूँ कि इस सरकार के 4 साल में जो निर्णय,जो कार्य और जो नीतियां बनी वो शायद 40 साल में भी नही बन पाती।

लेकिन फिर भी विपक्ष कामयाब हो रहा है और फर्जी प्रोपोगेंडा के बल पर नफरत के बीज बो रहा है।

दलित,गरीब,मजदूर किसान को 12 रुपये में बीमा मिला है,अगर घर मे कमाने वाला सदस्य दुर्घटना में जीवित न रहे तो परिवार को 2 लाख मिलना बड़ी बात होती है। ये योजना आपके कार्यकाल में बनी,लागू हई ओर अनगिनत परिवारों को इसका सहारा मिला।

लेकिन फिर भी इस सरकार को दलित और गरीब विरोधी बताने में विपक्ष ओर देश विरोधी ताकतें कैसे सफल हो रही है?

330 रुपये में जीवन बिना कोई करवा पाए ये 2014 के पहले स्वप्न ही था लेकिन आपके कार्यकाल में ये हकीकत बना है।

फसलो का बीमा पहले मुश्किल ओर महंगा हुआ करता था लेकिन आपने इस योजना में आमूलचूल परिवर्तन कर के किसानों लिए एक मजबूत आसरा बना दिया।

मुझे याद है जब किसानों को यूरिया नही मिलता था,बड़ी बड़ी लाइनें लगा करती थी,लाठीचार्ज तक हो पाते थे,फिर भी किसान को यूरिया नही मिल पाता था लेकिन आज आपके शासन में के भी जगह से यूरिया की कमी की खबर नही आई अपितु यूरिया में नीम कोटिंग कर के गुणवत्ता और बढ़ाई गई।

सॉइल हेल्थ कार्ड जो शायद किसानों ने सोचा नही था आज लाखो साइल हेल्थ कार्ड बनाये जा चुके है। सिंचाई का दायरा बढ़ा है,मनरेगा में सिंचाई से जुड़ी हुई परियोजनाओं को जोड़कर रोजगार भी दिया है साथ ही सिंचाई के लिए पर्याप्त व्यस्थायें खड़ी हो रही है।

लेकिन फिर भी आपकी सरकार को किसान विरोधी बताने में विपक्ष ओर कुछ वर्ग क्यों कामयाब हो रहे है?

आज देश की सीमाओं पर रक्षा परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हुआ है,पूर्वोत्तर में तो इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में बहुत हद तक कार्य हो चुका है तथा हो रहा है।
देश का सबसे लंबा पुल भी आपके कार्यकाल में चीन की सीमा से कुछ दूरी पर पूर्ण हुआ है।

जम्मू कश्मीर में सैंकड़ो आतंकी मार गिराए है जिनका प्रतिवर्ष का औसत देखा जाए तो संभवतः किसी भी अन्य सरकार से अधिक है।
सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कार्य तो देश की जनता ने जीवनकाल में कभी सोचा ही नही था।

आज देश की सीमा के पर हमारी सेना खुल के जवाब दे रही है और इसका सबूत हमे पाकिस्तानी न्यूज़ चैनलो पर मातम देख के ही पता चल जाता है।

लेकिन फिर भी कांग्रेस और विपक्ष आपको सुरक्षा के मामलो में नाकाम बता रहे है!

आपके कार्यकाल में सर्वाधिक कालाधन पकड़ा गया,सर्वाधिक छापे या सर्च सर्वे हुए,विभिन्न माध्यमो से हज़ारों करोड़ का कालाधन सामने आया। अन्य देशों से पूर्व में कई गयी संधियों में परिवर्तन किए गए जिनके परिणाम 2020 के बाद देश को मिलेंगे,जब कालेधन को विदेश में रखना मुश्किल हो जायेगा।

नोटेबन्दी के बाद आयकर रिटर्न्स भरने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

लेकिन फिर भी आपकी सरकार को कालाधन के मामले में नाकाम क्यों कहा जा रहा है!

पिछली सरकारों के समय जब कालाधन इक्कठा हुआ तब उन्हें दोष न देकर जो सरकार प्रयास कर रही है उसे ही दोष क्यों दिया जा रहा है?

आज भारत की विदेशनीति ओर आपके कार्य का ही परिणाम है कि हर देश भारत से संबंध प्रगाढ़ करने में लगा हुआ है तथा भारत आज हर मुद्दे पर किसी भी देश से बराबरी के साथ वार्ता करता है चाहे वो रूस,फ्रांस या अमेरिका जैसे ताकतवर देश ही क्यों न हो।

आखिर इतनी सफल विदेश नीति और आपके बिना आराम किये कम खर्च वाले विदेश दौरों के बावजूद भी आप पर सवाल क्यों उठाये जाते है?

करोड़ो महिलाओ को एलपीजी सिलेंडर दिए जा रहे है,स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की रक्षा की जा रही है। युवाओ के रोजगार के लिए मुद्रा,स्टार्टअप जैसी योजनाए लायी गयी जिससे करोड़ो युवाओ ने रोजगार पाया ही नही बल्कि दुसरो को भी रोजगार दिया है।

फिर भी आपके ऊपर जब रोजगार के मामलों में सवाल उठते है तो बुरा लगता है क्योंकि आपकी योजनाओ से लोगो को स्वावलंबन तथा स्वरोजगार मिला है जिसका महत्व सामान्य नोकरी से कही अधिक है।

दलितों आदि कमजोर वर्ग के लिए स्टैंड अप इंडिया शुरू किया गया जिसमें दलितों महिलाओ को रोजगार के अवसर दिए गए।

डिजिटल इंडिया,स्किल इंडिया,स्टैंड उप इंडिया,स्टार्ट अप इंडिया,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना,उज्ज्वला योजना,प्रधानमंत्री बीमा योजनाएं आदि योजनाओ के माध्यम से हर वर्ग हर तबके को कुछ न कुछ इस अल्प समय मे देने का कार्य किया है।

2014 में जगी उम्मीद की किरण आज 18000 गाँव मे बिजली बनकर पहुँच रही है।

बैंक खातों में बिचोलियों से बचकर सब्सिडी सीधे लाभार्थी तक पहुँच रही है।
विद्यालयों में शौचालय बनने के कारण आज देश की करोड़ो बालिकाएं स्कूल जा पा रही है।

लेकिन आये दिन होते आंदोलनों से अनर्थ की आशंकाएं पनप रही है।
इन आशंकाओं को आपको,हमको ओर सभी को दूर करना होगा,झुठे प्रचार के अंधकार को सत्य के दीपक से दूर करना होगा।

इसी उम्मीद,आशा और विश्वास के साथ वंदे मातरम।

[सौरभ भण्डारी, भोपाल]

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