पदकों की झड़ी लगा रही चाय वाले की फाइटर बिटिया
किसी की भी जिंदगी में उपलब्धियां रेलगाड़ी की तरह धड़धड़ाती हुई कभी नहीं आतीं। इसके लिए कड़ी मेहनत और मजबूत इरादा होना चाहिए। शहर के पंडरी बाजार में प्रणीता मेश्राम एक मामूली से मकान में भले रहती हों पर उनके इरादे मामूली नहीं हैं। कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली प्रणीता, म्यूथाई खेल में अभी से इतनी निपुण हैं कि उनकी झोली में पुरस्कारों की झड़ी लग गई है।
हाल ही उन्होंने दक्षिण कोरिया में आयोजित हुई अंतर्राष्ट्रीय म्यूथाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। यह और बात है कि प्रणीता के पिता ठेले पर चाय बेचकर परिवार की गाड़ी चलाते हैं, लेकिन बेटी के सपनों को साकार करने के लिए वह भी जी-जान से जुटे हैं। मां गायत्री भी बेटी की राह में कोई रोड़ा नहीं आने देतीं। परिवार के इसी सकारात्मक माहौल ने प्रणीता को हौसला दिया। प्रणीता दनादन मुक्के बरसाती हुई यश और कीर्ति अपने हिस्से में किए जा रही हैं।

