कैंसर और हार्ट अटेक जैसी बीमारियों से बचने के लिए करे रक्तदान
एक लेखक के रूप में अगर कोई मुझसे रक्तदान पर लिखने के लिए कहे तो मेरे लिए रक्तदान पर लिखना बहुत आसान भी है और बहुत मुश्किल भी ..आसान इसलिए है क्योकि …पूरा लेख में केवल एक ही शब्द ‘जीवन’ लिख कर ही खत्म कर सकता हूँ और मुश्किल इसलिए है क्योकि हर लेखक समाज से जुड़े दूसरे किरदारों का चित्रण काफी आसानी से कर देता है लेकिन जब बात कलम के माध्यम से खुद के ही जीवन के चित्रण करने की हो तो बहुत ही असम्भव असहज सा महसूस करता है और यही बात आज मुझ जैसे छोटे कलमकार और लेखक के ऊपर भी फिट होती है …क्योकि
रक्तदान जैसा पवित्र कार्य आज मेरे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है और अगर आज में अपने जीवन में रक्तदान के महत्व का संक्षिप्त वर्णन करू तो रक्तदान मेरे लिए स्वार्थपूर्ण दुनिया से दूर अपने ही अंदर के मृत इंसान को जीवनदान देने का एक अच्छा विकल्प है क्योकि जो भी इंसान अपना पूरा जीवन स्वार्थ के नाम कर चुका है वो इंसान शारीरिक रूप से जीवित तो हो सकता है पर आत्मीय रूप से उसकी गिनती मृत इंसानो की श्रेणी में ही की जाती है …इसलिए मेरा स्वयं का मानना है कि अगर आप रक्तदान कर रहे है तो आप केवल जरूरत मंद मरीज को ही नहीं वल्कि खुद के अंदर के भी मृत इंसान को जींवनदान देकर एक मृत जीवन शैली में जान फूंकने का भी निरंतर सफल प्रयास कर रहे है
इसलिए मेरे द्वारा किया गया हर एक रक्तदान खुद को ही जीवनदान देने बाले प्रयासों मे से एक है और ये बात आज केवल मे ही नही कह रहा बल्कि विज्ञान भी मेरी इस बात का स्पष्टीकरण करते हुए किताब के पन्नों पर दिखाई देता है
आपको बता दूँ कि रक्तदान करने से ना सिर्फ आप सामने वाले के जीवन को बचाते हो बल्कि ये आपके लिए भी कई तरह से लाभदायक होता है ऐसा केवल मेरा मानना ही नहीं है बल्कि आज विज्ञान भी इस कथन को प्रमाणित करता हुआ दिखाई देता है
आज भी बहुत से लोग इस देश में ऐसा सोचते है कि रक्तदान करने से उनके शरीर को खतरा है या फिर उनका शरीर कमजोर हो जाता है कुछ तो ये भी सोचते है कि रक्तदान के बाद उनके खून को बनने में कई साल लग जाते है किन्तु ऐसा कुछ भी नही है क्योकि रक्तदान एक सुरक्षित और स्वस्थ परंपरा है और जहाँ तक खून के दुबारा बनने की बात है तो मात्रा 21 दिनों के अंदर दोबारा शरीर खून बना लेता है. साथ ही खून के वॉल्यूम को शरीर सिर्फ 24 से 72 घंटो में ही पूरा कर लेता है. और आज जरुरत रक्तदान से पहले अपने मन से हर शंका को दूर कर रक्तदान से होने वाले लाभों पर ध्यान देने की है ताकि भविष्य में जब भी रक्तदान के माध्यम से किसी को जीवनदान देने बात हो तो आप रक्तदान से न भागे बल्कि रक्तदान के लिए अस्पताल की तरफ दौर लगाए और मेरी ही तरह अपने से जुड़े युवा को रक्तदान के प्रति जागरूक भी करे !
रक्तदान से आपको होने बाले लाभ –
हार्ट अटैक : हार्ट अटैक की ज्यादातर समस्या का कारण खून का गाढ़ा होना होता है किन्तु जब आप रक्तदान करते हो तो इससे आपका खून पतला हो जाता है. जिससे आपको दिल से संबंधी किसी भी बीमारी के होने की संभावना कम होती है तथा आपका हृदय भी स्वस्थ रहता है.
कैंसर : रक्तदान के बाद व्यक्ति के शरीर में दोबारा से खून का निर्माण होता है जो कि साफ़, ताजा और स्वच्छ इसलिए नये खून में किसी भी बीमारी से लड़ने की ताकत अधिक होती है. ये नया खून शरीर के सभी विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकल देता है. जिससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है.
तंदुरुस्ती : क्योकि रक्तदान के बाद नया खून बनता है और खून में रेड ब्लड सेल होते है तो इस तरह रक्त दान के बाद शरीर में नये रेड ब्लड सेल का आना भी शरीर के लिए लाभदायक है जिससे शरीर की तंदुरुस्ती बढती है और व्यक्ति का शरीर हष्ट पुष्ट रहता है.
अतः लेख के अंत में अपनी लेखनी के माध्यम मेरा आपसे यही निवेदन है पशु पक्षियों की जीवन शैली से बाहर निकले और मानव जीवन के महत्व को समझते हुए स्वार्थ पूर्ण जीवन पर कुछ समय के लिए अंकुश लगाते हुए अपने जीवन के कुछ पल निस्वार्थ रक्तदान के प्रति समर्पित करे


