राफेल शस्त्र पूजा पर आया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान
कुछ दिनों पहले भारत ने फ्रांस से अपना पहला राफेल विमान प्राप्त किया। यह ऐतिहासिक दिन दशहरे का दिन था। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राफेल विमान को लेने के लिए स्वयं फ्रांस की राजधानी पेरिस गए हुए थे। दशहरे का दिन होने के कारण भारत में शस्त्र पूजा की परंपरा सहस्रों वर्षों से चली आ रही है। उसी परंपरा को कायम रखते हुए रक्षा मंत्री ने शस्त्र पूजा के तौर पर राफेल विमान की भी पूजा की।
उन्होंने राफेल विमान पर ओम का निशान बनाया तथा उसके दोनों पैरों के नीचे नींबू रखा। मगर भारत के कुछ सेकुलर नेताओं को यह बात पसंद नहीं आ रही है। गुरुवार को देर रात राजनाथ सिंह भारत वापस लौटे। जिसके बाद उन्होंने राफेल शस्त्र पूजा पर एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश की इस तरह की हजारों वर्षों से चली आ रही पूजा परंपरा पर सवाल उठाना ठीक नहीं है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले भी कर चुके हैं शस्त्र पूजा
फ्रांस से वापस भारत लौटने के बाद एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया से बातचीत की मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने वही किया जो मुझे उचित लगा। उन्होंने कहा कि देश में पूजा पद्धति पर सवाल उठाना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की राय इस बारे में एकमत नहीं है। कांग्रेस के अंदर ऐसे कई नेता मौजूद हैं जिन्होंने इस घटना के विषय में कुछ नहीं कहा। कांग्रेस पार्टी खुद इस विषय में एकमत नहीं है। ऐसा पहली बार नहीं है जब राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा की हो इसके पहले भी वो दशहरे के अवसर पर पूजा की परंपरा को निभाते चले आए हैं।
मलिकार्जुन खड़गे ने उठाए थे सवाल
भारत को फ्रांस द्वारा राफेल विमान दिए जाने के बाद और उसकी पूजा किए जाने के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि किसी भी सरकार ने मोदी सरकार जैसा दिखावा नहीं किया।
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