सबरीमाला मंदिर पर आज होगा फैसला
केरल में स्थित सबरीमाला मंदिर पर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा। केरल में स्थित यह मंदिर लगभग 800 साल पुराना है। हर वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा। आपको बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में इस मामले पर फैसला दिया जाएगा। 28 सितंबर2018 को सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश करने की अनुमति दे दी थी। जिसके बाद केरल स्थित लोगों ने काफी हिंसक प्रदर्शन किया था। इस फैसले के आने के बाद कई सारी पुनर्याचिका दाखिल की गई। इसके बाद 6 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति के पक्ष में फैसला आने के बाद 2 महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया। जिसके बाद लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला ना मानते हुए तथा दायर याचिकाओं पर निर्भर होते हुए इन दोनों महिलाओं का पुनः शुद्धिकरण किया।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले में शामिल एक महिला जज इन्दु मल्होत्रा ने महिलाओं का पक्ष रखते हुए कहा कि दशकों पुरानी हिंदू धार्मिक प्रथा गैरकानूनी और असंवैधानिक थी। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का माहौल कायम रखने के लिए कोर्ट को धार्मिक अर्थों से जुड़े मुद्दों को नहीं छेड़ना चाहिए। साथी जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि शारीरिक वजहों से मंदिर आने से रोकना रिवाज का जरूरी हिस्सा नहीं। ये पुरूष प्रधान सोच को दर्शाता है।
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मंदिर में दर्शन करने का महत्व: मान्यता है कि अगर यहां आने वाले श्रद्धालु तुलसी या रुद्राक्ष की माला पहनकर, उपवास रखकर और सिर पर नैवेद्य लेकर दर्शन के लिए आते हैं तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। ये मंदिर भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में लोग हर दिन दर्शन के लिए आते हैं। ये मंदिर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किमी की दूरी पर मौजूद है। जो समुद्रतल से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ये दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ माना जाता है, जहां हर साल करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

