क्रिस गेल पर आरोप लगाना महिला को पड़ा भारी, देना होगा करोड़ों का जुर्माना
वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। विश्व कप में वेस्टइंडीज की जर्नी समाप्त होने के साथ ही क्रिस गेल अपना आखिरी विश्वकप पूरा कर चुके। उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया है कि भारत के खिलाफ विश्व कप के बाद होने वाली एकदिवसीय और टी-20 मैचों की सीरीज के बाद क्रिस गेल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। क्रिस गेल का क्रिकेटिंग करियर काफी विवादों भरा रहा है। उन पर कई आरोप भी लगे हैं। 2015 में क्रिस गेल पर आरोप लगाने वाली एक फिजीशियन को काफी भारी पड़ गया। अदालत ने महिला की कहानी छापने वाले एक अखबार पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया है और कहा है कि इससे गेल के कैरियर पर काफी प्रभाव पड़ा है।
विस्फोटक बल्लेबाज पर लगा था यह आरोप
दरअसल 2015 के क्रिकेट विश्वकप के दौरान एक महिला थैरेपिस्ट ने वेस्टइंडीज के इस विस्फोटक बल्लेबाज पर यह आरोप लगाया था कि ड्रेसिंग रूम में गेल उनके सामने नंगे हो गए थे। यह घटना सिडनी में घटित हुई थी। जिसके बाद महिला की इस घटना को फेयर फॉक्स ने काफी प्रकाशित किया था। यह मीडिया ग्रुप सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड, द एज और कैनबरा टाइम्स का प्रकाशन करता है। अब न्यू साउथ वेल्स की सुप्रीम कोर्ट ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड, द एज और कैनबरा टाइम्स को ती लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी 1 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि जुर्माने के तौर पर देने को कहा है।
पेश किए गए थे सबूत
क्रिस गेल पर आरोप लगने के बाद कोर्ट में गेल के वकील ने यह दलील दी थी कि ड्रेसिंग रूप में ऐसा कुछ भी नहीं घटित हुआ था। महिला ने मनगढ़त कहानी बनाकर मीडिया के सामने प्रस्तुत की थी। 2017 में इसी बात को लेकर वेस्टइंडीज के साथ ही क्रिकेटर ड्वेन स्मिथ और क्रिस गेल ने कोर्ट के सामने सबूत भी प्रस्तुत किए थे। जिसके बाद न्यू साउथ वेल्स की सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश सुनाया की इन मीडिया ग्रुप को जुर्माना देना पड़ेगा क्योंकि इससे कहीं न कहीं गेल का पेशेवर जीवन भी प्रभावित हुआ है।

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