गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा, नहीं हुई उत्तर प्रदेश में कोई राजनीतिक हत्या
देश में दूसरी बार नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद गृह मंत्री बने अमित शाह देश के उन मुद्दों पर काफी गंभीर नजर आ रहे हैं जो कि काफी समय से लंबित पड़े हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हो रही लगातार राजनीतिक हत्याओं को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने पहले भी ममता बनर्जी की सरकार को चेतावनी दी थी। केंद्र सरकार की तरफ से पश्चिम बंगाल की सरकार को कुछ सुझाव भी दिए गए थे। मगर पश्चिम बंगाल की सरकार ने उन सुझावों पर किसी भी प्रकार का अमल नहीं किया। बल्कि उल्टा अमित शाह द्वारा सुझाए उपायों का जवाब देते हुए केंद्र सरकार पर भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। जिसका जवाब देते हुए देश के गृह मंत्री ने यह कहा है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की राजनीतिक हत्या का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता ने लगाया था भेदभाव का आरोप
जब गृह मंत्री अमित शाह राज सभा में जम्मू कश्मीर में 6 महीने की अवधि के लिए राष्ट्रपति शासन बढ़ाए जाने के विषय में बात कर रहे थे। उसी दौरान पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल की सरकार को दो सुझाव जारी किए हैं। जबकि जहां पर भाजपा की सरकारें हैं वहां पर केंद्र सरकार द्वारा एक भी सुझाव जारी नहीं किए गए। डेरेक ओ ब्रायन का आरोप था कि उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकार के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक भी सुझाव जारी नहीं किए गए।
जारी है पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का दौर
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन के प्रश्न का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक किसी भी प्रकार की राजनीतिक हत्या का मामला सामने नहीं आया है। जबकि पश्चिम बंगाल में आए दिन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की हत्या की जाती है। इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता इन हत्याओं का समर्थन करते हुए भी दिखाई पड़ते हैं।

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