झारखंड में मंत्री के यहाँ धरने पर बैठे शिक्षक की मौत
झारखंड में एक 40 वर्षीय धरने पर बैठे शिक्षक की मौत हो गई । झारखंड के दुमका नामक क्षेत्र में एक मंत्री के घर के बाहर एक शिक्षक जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष की थी रात भर धरने पर बैठे रहे इसके वजह से शिक्षक की मौत हो गई । वह मंत्री के घर के बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे । गौरतलब है कि मृतक शिक्षक एक अनुबंधित शिक्षक थे जिन का पूर्ण नाम कंचन दास है ।
झारखंड में मंत्री के यहाँ धरने पर बैठे शिक्षक की मौत
झारखंड में धरने पर बैठे शिक्षक की मौत को लेकर अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक मंत्र के घर के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे थे जिसके वजह से ठंड लगने की वजह से शिक्षक कंचन दास की मौत हो गई ।
झारखंड में अनुबंध शिक्षक अपनी सेवा को नियमित करने की मांग को लेकर तत्पर है इसलिए वे धरने पर बैठे हुए थे । गौरतलब है कि राज्य भर में अनुबंध शिक्षक अन्य मांगों को लेकर लगभग 3 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं और अंततः उन्होंने धरने पर बैठने का निर्णय लिया । इसके साथ ही अनुबंध शिक्षक झारखंड के कल्याण मंत्री लुईस मरांडी के घर के बाहर बीते 25 नवंबर से ही अनिश्चितकाल के लिए बारी-बारी से धरने पर बैठ रहे थे ।
धरने पर बैठे शिक्षक की मौत, इस मामले को लेकर के बताया कि लगभग 6 शिक्षकों के साथ दास शनिवार को धरने में शामिल हुए थे और इसके पश्चात सभी लोगों ने मंत्री जी के घर के बाहर रात बिताई लेकिन अगले दिन सुबह जब कंचन दास नहीं उठे तो उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों की एक टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया ।
धरने पर बैठे शिक्षक की मौत के मामले को लेकर दुमका के पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने इस बारे में कहा कि धरना प्रदर्शन बीते पिछले दिनों ही खत्म हो गया लेकिन अभी तक कुछ इसे जारी रखना चाहते है । इसी बीच झारखंड के मंत्री ने शिक्षक की असामयिक मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार से इस संबंध में बातचीत भी की ।
इधर झारखंड के मंत्री के अधिकारियों ने शिक्षकों की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अभी विदेश में है । जैसे ही वह आएंगे अनुबंधित शिक्षकों की मांगों को लेकर रचनात्मक चर्चा की जाएगी ।
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