कल से शुरू हो रहा गणेश चतुर्थी का पर्व, घर-घर में स्थापित होंगी गणपति प्रतिमाएंKnowledge News Trending 

कल से शुरू हो रहा गणेश चतुर्थी का पर्व, घर-घर में स्थापित होंगी गणपति प्रतिमाएं

पूरे भारत में कल यानि 31 अगस्त के दिन बुधवार के दिन को गणेश चतुर्थी पर्व मनाया जाएगा। कल से घर-घर में गणपति प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और 10 दिवसीय गणेश उत्सव आरंभ हो जाएगा।

इस दिन हुआ था भगवान गणेश का जन्म

शिवपुराण के अनुसार देखा जाए तो इसी तिथि पर भगवान श्रीगणेश का जन्म हुआ था। इसलिए ये पर्व मनाया जाता है। ये एक ऐसा उत्सव है जो सार्वजनिक रूप से भी मनाया जाता है। इस दिन चौराहों पर भगवान श्रीगणेश की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और 10 दिनों तक रोज सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम सभी जगहो पर होता है लेकिन पहले ये उत्सव सिर्फ 1 ही दिन मनाया जाता था। बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि अब इस पर्व को 10 दिनों तक क्यों मनाया जाता है। आइये जानते है इसके बारे में।

इन्होंने दिया भव्य रूप

जैसा कि हम सभी जानते है कि गणेश चतुर्थी का पर्व तो हजारों सालों से मनाया जा रहा है लेकिन इसे भव्य रूप दिया पेशवाओं ने। उस समय पूना और इसके आस-पास के क्षेत्रों पर पेशवाओं का अधिकार था। उन्होंने ही गणेश चतुर्थी का पर्व भव्य रूप से मनाना शुरू किया लेकिन ये पर्व भी सिर्फ 1 ही दिन मनाया जाता था। जब अंग्रेज भारत आए तो उन्होंने पेशवाओं के राज्य पर अधिकार कर लिया। इस वजह से गणेश उत्सव की भव्यता में कमी आने लगी।

खास बात

वहीं, जिस समय अंग्रेजों का प्रभाव बढ़ रहा था। उस समय हिंदू भी अपने धर्म के प्रति उदासीन होते जा रहे थे। ऐसे समय में महान क्रांतिकारी व जननेता लोकमान्य तिलक ने सोचा कि हिंदू धर्म को कैसे संगठित किया जाए? तब उनके मन में सामूहिक गणेश उत्सव मनाने का विचार आया। उन्होंने सोचा कि गणेशोत्सव एक धार्मिक उत्सव होने के कारण अंग्रेज शासक भी इसमें दखल नहीं दे सकेंगे।

इन्होंंने की शुरूआत

इसी विचार के साथ लोकमान्य तिलक ने पूना में सन् 1893 में सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरूआत की। इसलिए 10 दिन तक मनाया जाता है गणेश उत्सव जब लोकमान्यत तिलक ने पूना में सार्वजनिक गणेश उत्सव की शुरूआत की तो उन्हें देखकर धीरे-धीरे पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाया जाने लगा।

 

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