वाराणसी में खतरे के निशान के करीब पहुंच रही गंगा नदीं, पीएम ने जाना हाल
इस समय उत्तर प्रदेश के कई जिले बाढ़ की चपेट में है। जहां लोगो परेशानी का सामना कर रहे है। वहीं, प्रयागराज और वाराणसी में गंगा और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगो की दिक्कते बढ़ती जा रही है। वहीं, बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में भी गंगा नदी का रौद्र रूप दिखने लगा है। बता दें क जलस्तर लाल निशान (चेतावनी बिंदु) को पार करने के बाद खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। शुक्रवार के दिन की सुबह आठ बजे जलस्तर खतरे के निशान से केवल 40 सेंटीमीटर दूर बचा है।
इन इलाकों में जारी हुआ अलर्ट
जहां कई कालोनियां तो पानी से घिर गई हैं। सबसे ज्यादा हालात सामने घाट इलाके में खराब हैं। जहां गंगा नदी के पलट प्रवाह से वरुणा नदी भी उफान पर हैं। वहीं, वरुणा नदी का पानी कई नए इलाकों में भी घुस गया है। जहां जलस्तर बढ़ने से महाश्मशान मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर पहले ही शवदाह गलियों और छतों पर हो रहा है। गंगा अब महाश्मशान पर छत तक पहुंच गई हैं। वहीं, वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गंगा, वरुणा व गोमती नदी के तटवर्ती इलाकों व गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
शुक्रवार के दिन है इतना जलस्तर
बता दें कि शुक्रवार के दिन सुबह के समय गंगा नदी का जलस्तर 70.86 मीटर तक पहुंच गया था। यहां खतरे का निशान 71.26 मीटर पर है। अब भी 3 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पानी में बढ़ाव जारी है। अगर यही स्थिति रही तो शुक्रवार के दिन रात तक गंगा खतरे का निशान भी पार कर सकती हैं। वहीं, गुरुवार के दिन पीएम मोदी ने भी वाराणसी की स्थिति की जानकारी ली। जहां पीएम ने मंडलायुक्त से फोन पर बातचीत कर लोगों की हर संभव मदद करने और कोई दिक्कत हो तो सीधे उनसे बात करने को कहा है।

