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उन्नाव रेप केस पीड़िता अस्पताल में आखिर क्यों हुई भर्ती ?

उन्नाव रेप केस पीड़िता : ज़िंदा जलाए जाने की कोशिश के बाद उन्नाव बलात्कार केस की पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार शाम को अधिकारियों को पीड़िता को एयरलिफ्ट करने की तैयारी करने के लिए कहा गया था। उसका इलाज उन्नाव सिविल अस्पताल में चल रहा था।

उसे शाम 6.30 बजे के बाद राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे जहाँ उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुनील गुप्ता ने कहा, “हम महिला को अस्पताल लाने के लिए हवाई अड्डे पर एम्बुलेंस भेज रहे हैं। हमने सफदरजंग अस्पताल में बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के प्रमुख डॉ शलभ कुमार के निरीक्षण में एक समर्पित आईसीयू स्थापित किया है।”

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बचे हुए यात्री महज 18 मिनट में एयरपोर्ट से सफदरजंग अस्पताल पहुंचे। एयरपोर्ट से अस्पताल की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। लखनऊ मंडल के आयुक्त मुकेश मेश्राम  ने कहा है कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एएसपी रैंक का एक अधिकारी टीम का नेतृत्व करेगा।

गुरुवार को जीवित बची पीड़िता पर आरोपियों ने हमला किया क्योंकि वे उससे ‘बदला’ लेना चाहते थे। पांचों आरोपियों ने कथित तौर पर 23 वर्षीय पीड़िता  पर केरोसिन डाला, जब वह अदालत  जा रही थी और उसे ज़िंदा जलाने की कोशिश की। घटना में उसे 90 फीसदी झुलसना पड़ा। पांचों लोग मौके से भागने में सफल रहे।

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उन्नाव रेप केस पीड़िता है अस्पताल में सवाल हर बेटी का है

आईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने कहा कि सभी पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस महानिरीक्षक (लखनऊ रेंज) इस मामले को संभाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में फास्ट ट्रैक के आधार पर पूछताछ की जा रही है।

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यह घटना तब भी प्रकाश में आई जब बलात्कार की बार-बार घटनाएं देश में सुर्खियां बन रही हैं। इस बीच, साइबराबाद में एक पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए, देश भर में कई विरोध प्रदर्शन किए गए। चार पुरुषों द्वारा सामूहिक बलात्कार करने के बाद पशु चिकित्सक को मौत के घाट उतार दिया गया। आरोपियों में से दो ट्रक चालक हैं जबकि दो सफाईकर्मी हैं। आखिर कब मिलेगी देश की  बेटियों को सुरक्षा यही सबसे बड़ी चुनौती वाला सवाल है जिसका जवाब मोदी सरकार को हर हाल में देना ही होगा यदि उसे अपने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे को सार्थक करना है।

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