उज्जैन में सोमवार को भगवान महाकाल की निकलेगी कार्तिक मास की पहली सवारी, पढ़िये
जैसा कि हम सभी जानते है कि उज्जैन में श्री महाकालेश्वर जी का मंदिर है। जहां लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते है। वहीं, इस बार उज्जैन में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार के दिन कार्तिक मास की पहली सवारी निकलेगी। मंदिर प्रशासन के अनुसार इस बार कार्तिक अगहन मास में भगवान महाकाल की पांच सवारी निकलेगी। बता दें कि अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में सवार होकर तीर्थ पूजन के लिए मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट जाएंगे। पहली सवारी 31 अक्टूबर को तथा आखिरी सवारी 21 नवंबर के दिन निकाली जाएगी।
ये करेंगे पूजन
वहीं, महाकाल मंदिर के सभा मंडप में शाम 4 बजे प्रशासक संदीप कुमार सोनी भगवान महाकाल के मनमहेश रूप का पूजन करेंगे। पश्चात सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, हरसिद्धि की पाल होते हुए मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी। यहां पुजारी भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ तीर्थ का पूजन किया जाएगा। पूजन पश्चात सवारी मंदिर की ओर रवाना होगी।
यहां से होते हुए जाएगी सवारी
हालांकि, कार्तिक अगहन मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी रामानुजकोट के बजाया गणगौर दरवाजे से नगर में प्रवेश करती है। मंदिर की यह अनूठी परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। रामघाट पर पूजन के पश्चात पालकी राणौजी की छत्री घाट से होते हुए शिप्रा नदी पर बने छोटे पुल के समीप स्थित गणगौर दरवाजा से मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम 7 बजे महाकाल मंदिर पहुंचती है। बतादें श्रावण-भादौ मास में भगवान महाकाल की सवारी रामानुजकोट के सामने से कार्तिक चौराह होते हुए मंदिर पहुंचती है।
इस दिन निकलेगी सवारी
- 31 अक्टूबर कार्तिक मास की पहली सवारी।
- 6 नवंबर को रात 11 बजे हरि हर मिलन की सवारी
- 7 नवंबर कार्तिक मास की दूसरी सवारी।
- 14 नवंबर अगहन मास की पहली सवारी।
- 21 नवंबर कार्तिक-अगहन मास की आखिरी सवारी।

