हनुमान जी की जाति के जरिए 2019 की राजनीति !!
देश में चुनाव आने वाले हैं, जनादेश से तय होगा कि किसको सत्ता सौंपी जाएगी और किसके सर सजेगा प्रधानमंत्री का ताज। वोट से तय होगा कि किसकी होगी सत्ता में ताजपोशी, पर जातिवाद भारतीय लोकतंत्र के सुनहरे दामन पर एक बदनुमा दाग है। जातिवाद को समझने के लिए उत्तर प्रदेश से बेहतर कोई राजनैतिक जमीन नहीं हो सकती जहाँ जनता और राजनैतिक पार्टियाँ दोनों ही जाति को एक महत्वपूर्ण फैक्टर मानती हैं और जातीय समीकरणों के हिसाब से ही चुनाव जीते जाते हैं। पहले इसका रूप और दायरे सिर्फ…
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