गुलजार की 10 बेहतरीन कविताएं और गीत
शब्दों के जादूगर सम्पूर्ण सिंह कालरा उर्फ गुलजार किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। साहित्य, समाज और कला में रुचि रखने वाला हर व्यक्ति उन्हे बखूबी जनता है। पेश है उनकी 10 सबसे बेहतरीन कविताएं/शायरियाँ: 1. मोरा गोरा अंग लइ ले मोहे शाम रंग दइ दे छुप जाऊँगी रात ही में मोहे पी का संग दइ दे 2. थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है ज़िंदगी फिर भी अहा ख़ूबसूरत है थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है ज़रूरत है… 3.तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, शिकवा, तो नहीं, शिकवा नहीं शिकवा नहीं,…
Read More