ज़िंदगी के बेहद करीब है, ग़ालिब के ये शेऱ
दोस्तों बात अगर शायरी की हो और उसमे “मिर्ज़ा ग़ालिब” का ज़िक्र न हो तो ये शायरी की दुनिया के बादशाह से बेमानी होगी| मिर्ज़ा ग़ालिब और इश्क़ एक-दूसरे का पर्याय है| अगर हम यूं कहें कि इश्क गालिब से शुरू होता है तो यह कोई आश्चर्यजनक बात नहीं होगी। उनकी किताब “दीवान-ऐ-ग़ालिब” उर्दू साहित्य में सबसे ज़्यादा बिकने वाली किताब है| मिर्ज़ा ग़ालिब में एक गुरुर है| पूछते है वो कौन है ग़ालिब? कोइ बतलाए हमे की हम बतलाए क्या ? यहाँ हम आपके के लिए ले कर आये…
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