खेती की दुर्दशा, बढ़ती जनसंख्या और भारत का भविष्य
भारत की पहचान हमेशा एक कृषि प्रधान देश के रूप में होती आयी है लेकिन आज के भारत में कृषि की ही हालत सबसे ज्यादा नाजुक है । आज भारत की कृषि और उससे जुड़े लोगों का हाल किसी अस्पताल में पड़े उस रोगी सा हो गया है जो अपने ठीक होने का इंतजार पिछले 70- 72 साल से कर रहा है और वो आज तक इसी उम्मीद पर जिंदा है कि उसको भी इस जीवन में किसी दिन जीवन का एहसास होगा। भारत जब आजाद हुआ उस वक़्त देश…
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