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बाबर ने मंदिर बनाकर हिंदुस्तान के गौरवशाली इतिहास को खत्म करने का किया प्रयास

5 अगस्त 2019 से लगातार सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर को लेकर सुनवाई चल रही है। प्रतिदिन दोनों पक्षों के वकील अपनी-अपनी दलीलें देते हैं। अब तक उन्होंने अपनी बात को प्रमाणित करने के लिए लाखों रुपए की किताबें खरीद डालीं और लाखों रुपए की फोटो कॉपी करवा डाली।

39वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने बताया कि निर्मोही अखाड़ा के वकील सुनील जैन की मां का निधन हो गया है। इस वजह से वह आज सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलील नहीं दे पाएंगे। मगर सुन्नी वक्फ बोर्ड की दलीलों का जवाब हिंदू पक्ष के वकील परासरण ने दिया। उन्होंने कहा कि बाबर ने राम मंदिर को गिराकर वहां पर मस्जिद बना कर भारत के गौरवशाली इतिहास को खत्म करने का प्रयास किया है।

बाबर ने गौरवशाली इतिहास को क्षति पहुंचाई है

सुप्रीम कोर्ट में आखरी दिन की सुनवाई से 1 दिन पहले हिंदू पक्ष के वकील परासरण ने अपनी दलील देते हुए कहा कि बाबर एक विदेशी आक्रमणकारी था। उसने भारत में आकर मंदिर को नष्ट किया और स्वयं को बादशाह घोषित किया। बाबर जैसे विदेशी आक्रमणकारी को यह हक नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबर ने एक ऐतिहासिक गलती की है। उच्चतम न्यायालय को 40 वें दिन की सुनवाई तक बाबर द्वारा की गई इस गलती को सुधारना चाहिए। मगर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने उन्हें रोकते हुए कहा कि अब हिंदू पक्ष के वकील परासरण एक नई बहस शुरू करना चाह रहे हैं।

18 अक्टूबर है सुनवाई की अंतिम तारीख

2 महीने से भी ज्यादा समय तक लगातार सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर विवाद पर सुनवाई की आखिरी तारीख 18 अक्टूबर तय की है। 18 अक्टूबर के बाद कोई भी पक्ष अपनी दलील प्रस्तुत नहीं कर पाएगा। दीपावली के बाद 18 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय देने की आशंका जताई है। इसीलिए अयोध्या में धारा 144 लगा दी गई है।

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बाबर ने मंदिर बनाकर हिंदुस्तान के गौरवशाली इतिहास को खत्म करने का किया प्रयास
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बाबर ने मंदिर बनाकर हिंदुस्तान के गौरवशाली इतिहास को खत्म करने का किया प्रयास
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हिंदू पक्ष के वकील परासरण ने सुनवाई से आखरी दिन पहले अपनी दलील देते हुए कहा है कि बाबर ने हिंदुस्तान के गौरवशाली इतिहास को खत्म करने का प्रयास किया है।
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