Breaking News हिन्दी लेख 

SC का ऐतिहासिक फैसला- ट्रिपल तलाक पर 6 माह की रोक, सरकार बनाएं कानून

तीन तलाक के मुद्दे पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केंद्र सरकार संसद में इसको लेकर कानून बनाए लेकिन फिलहाल तीन तलाक बरकरार रहेगा. सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायधीश जे.एस. खेहर के नेतृत्व में 5 जजों की पीठ ने अपना फैसला सुनाया है.

– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक अभी बरकरार रहा है, केंदर संसद में इसको लेकर कानून बनाए.

– कोर्ट की कार्यवाही शुरू, मुख्य न्यायधीश ने बोलना शुरू किया.

– सुप्रीम कोर्ट के कमरा नंबर 1 में होगी मामले की सुनवाई.

– याचिका कर्ता सायरा बानो, पर्सनल लॉ बॉर्ड के वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.

– इस मुद्दे पर कोर्ट में याचिका दायर करने वालीं सायरा बानो ने फैसला आने से पहले कहा कि मुझे उम्मीद है कि कोर्ट का फैसला मेरे हक में आएगा. जो भी फैसला होगा, हम उसका स्वागत करेंगे.

गौरतलब है कि 5 जजों की बेंच इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी. कोर्ट में यह सुनवाई 6 दिनों तक चली थी. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में साफ किया था कि वह तीन तलाक की प्रथा को वैध नहीं मानती और इसे जारी रखने के पक्ष में नहीं है. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने तीन तलाक को ‘दुखदायी’ प्रथा करार देते हुए न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह इस मामले में ‘मौलिक अधिकारों के अभिभावक के रूप में कदम उठाए.’

इन पांच जजों की बेंच सुनाएगी फैसला

1. चीफ जस्टिस जेएस खेहर

2. जस्टिस कुरियन जोसेफ

 3. जस्टिस आरएफ नरिमन

4. जस्टिस यूयू ललित

5. जस्टिस अब्दुल नज़ीर

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि तीन तलाक का पिछले 1400 साल से जारी है. अगर राम का अयोध्या में जन्म होना, आस्था का विषय हो सकता है तो तीन तलाक का मुद्दा क्यों नहीं.

वहीं मुकुल रोहतगी ने दलील थी कि अगर सऊदी अरब, ईरान, इराक, लीबिया, मिस्र और सूडान जैसे देश तीन तलाक जैसे कानून को खत्म कर चुके हैं, तो हम क्यों नहीं कर सकते. अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा था, ‘अगर अदालत तुरंत तलाक के तरीके को निरस्त कर देती है तो हम लोगों को अलग-थलग नहीं छोड़ेंगे. हम मुस्लिम समुदाय के बीच शादी और तलाक के नियमन के लिए एक कानून लाएंगे.’

Related posts

Leave a Comment