सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में खुशी का माहौल
सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अयोध्या मामले पर अब फैसले का रास्ता साफ हो गया है । सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय को उन पांच जजों की बेंच पर भेजने से इंकार कर दिया । जिसमें उन्होंने कहा था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है । ये फ़ैसला सन 1994 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया था ।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में खुशी की लहर है ।
इस फैसले के द्वारा देशभर में व राजनीतिक पार्टियों स्वयंसेवक संघ , राजनीतिक विचारधारा के लोगों में एक खुशी की लहर है । इस फैसले के बाद अयोध्या मामले पर सुनवाई का रास्ता लगभग साफ हो गया है । सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया है कि इस मामले पर सुनवाई अब 28 अक्टूबर से की जाएगी ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करवाना चाहती है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार के प्रमुख अरुण कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में आने वाले अक्टूबर माह में अयोध्या मसले पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है । हम विश्वास करते हैं कि जल्द से जल्द इस मामले पर सुनवाई होगी और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा ।
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बेहद संतुष्ट हैं । अक्टूबर माह से इस मामले पर सुनवाई होगी और राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण की याचिकाओं पर निर्णय का रास्ता साफ हो गया है ।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना खालिद राशिद फिरंगीमहली ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किया गया निर्णय एक सकारात्मक विचारधारा वाला निर्णय है । सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह बात साफ हो जाती है कि इस्माइल फारूकी केस का अयोध्या मामले पर कोई भी किसी भी प्रकार का बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा । उन्होंने आगे कहा कि जहाँ तक मस्जिद और नमाज़ की बात है । यह सारी चीजें हमारे धार्मिक पहलुओं को दर्शाती है । मस्जिद का निर्माण नमाज अदा करने के लिए ही बनाया जाता है और यह हमारे धर्म का एक अभिन्न अंग है ।

