नीति आयोग की भूमिका पर विवाद जीडीपी आंकड़ों में संशोधन को लेकर
कुछ दिन पहले के यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान के सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) की बढ़ोत्तरी दर के संशोधन आंकड़ों को जारी करने को लेकर नीति आयोग की भूमिका की आपस में बहुत ज्यादा विवाद खड़ा हो गया है । सरकार के ही कुछ सदस्यों का मानना है कि इस घोषणा से नीति आयोग की भूमिका को अलग करके इस मामले के विवाद से बच सकते हैं । नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में जीडीपी के पुराने सीरीज के संशोधित आंकड़े जारी कर दिए है ।
नीति आयोग की भूमिका पर विवाद जीडीपी आंकड़ों में संशोधन को लेकर
नीति आयोग की भूमिका पर जीडीपी के संशोधित आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस पार्टी की अगुवाई वाली पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की औसतन वृद्धि 6.7 प्रतिशत थी । जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में यह 7.3 प्रतिशत हो गई है । जो पिछले आंकड़े जीडीपी के थे । उसके अनुसार यूपीए के 10 साल के कार्यकाल में औसतन वृद्धि दर 7.75 थी ।
हालांकि इसके ऊपर सरकार का कहना है कि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ( सीएसओ ) एक स्वतंत्र कार्यभार संभालने वाली एजेंसी है और केंद्रीय सांख्यिकी आंकड़े निकालना उसकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है । लेकिन राजीव कुमार और प्रवीण श्रीवास्तव के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कई अन्य लोगों ने सवाल खड़ा किया है । सरकार के एक शीर्ष सूत्र का कहना है कि नीति आयोग की भूमिका को इस घोषणा से बाहर रखकर इस पूरे विवाद से बचने की संभावना हो सकती हैं ।
इसके ऊपर सिर्फ अधिकारियों का कहना है कि नीति आयोग की जीडीपी की गणना और आंकड़ा निकालना कोई आसान काम का नहीं है । यह काम सीएसओ का है । पी चिदंबरम ने भी इस संशोधन में नीति आयोग की भूमिका को लेकर बहुत सवाल खड़ा किया और सब कुछ आयोग द्वारा किया गया कार्य बताया । वहीं पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणव सेन ने इसमें आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया । वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस आंकड़ों में संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि सीएसओ बहुत विश्वसनीय और प्रभावशाली संगठन है । यह वित्त मंत्रालय से दूरी बनाकर हमेशा रखता है । विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने भी यह कहां है कि यह सब नीति आयोग के वजह से हुआ है । अब समय आ गया है कि इस अनुपयोगी निकाय को बंद कर देना चाहिए ।
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