170 से ज्यादा चुनाव लड़ने वाला एक ऐसा उम्मीदवार जिसने नहीं जीता एक भी चुनाव
लोकसभा चुनाव शुरू होने को हैं ऐसे में देश के कोने-कोने से अलग अलग तरह की खबरें निकल कर सामने आ रही हैं। देश के सभी पार्टियों के नेता अपने अपने लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग संगठनों और कई न्यूज़ चैनलों के सर्वे भी लोकसभा चुनाव को लेकर आ रहे हैं। मगर इन सब से हटकर आज हम आपको देश के एक ऐसे उम्मीदवार के बारे में बताएंगे जिसने 170 से ज्यादा चुनाव लड़े। मगर आज तक किसी भी चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाया। भारत के इस उम्मीदवार का नाम गिनीज बुक ऑफ लिम्का में सबसे असफल उम्मीदवार के रूप में दर्ज है।
तमिलनाडु के सलीम के रहने वाले डॉक्टर के पद्माराजन अब तक 170 से अधिक चुनाव लड़ चुके हैं। मगर उन्होंने किसी एक भी चुनाव में अब तक जीत नहीं हासिल की है। डॉक्टर के पद्माराजन ने अपना पहला चुनाव 1988 में लड़ा था मगर उन्हें जीत हासिल नहीं हुई। उसके बाद से उन्होंने अलग अलग चुनाव में कुल मिलाकर 170 बार प्रतिभाग कर चुके हैं। मगर ना तो उनके चुनाव लड़ने का जज्बा कम हुआ और ना ही उन्हें जीत हासिल हुई। वह खुद को ऑल इंडिया इलेक्शन किंग कहते हैं। उनकी उम्र 60 वर्ष से ज्यादा हो चुकी है।
देश की महान विभूतियों के खिलाफ भी लड़ चुके हैं चुनाव
डॉक्टर के पद्माराजन एक होम्योपैथिक डॉक्टर हैं जो कि बाद में एक बिजनेसमैन बन गए। उन्होंने स्थानीय चुनावों से लेकर लोकसभा चुनाव तक में प्रतिभाग किया है। यहां तक कि उन्होंने राष्ट्रपति के चुनाव में भी खुद को उम्मीदवार बनाया था। मगर दुर्भाग्य रहा कि उन्हें जीत नहीं हासिल हुई। इसके अलावा के पद्माराजन देश की बहुत बड़ी-बड़ी विभूतियों के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं। जिनमें देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई मनमोहन सिंह पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एपीजे अब्दुल कलाम और दक्षिण भारत के बड़े नेता जयललिता और करुणानिधि भी शामिल हैं। इन बड़ी हस्तियों के खिलाफ के पद्माराजन चुनाव लड़ चुके हैं। 170 चुनाव में प्रतिभाग करना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



