दिल्ली हिंसा में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश
दिल्ली के पूर्वोत्तर हिस्से समेत कई अन्य जगहों में सीएए और एनआरसी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन अभी जारी है। इस हिंसक कोहराम में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में उपद्रवियों के द्वारा बढ़ते को राम को देखते हुए यूपी से सटे दिल्ली की सीमा को सील कर दिया गया है। दिल्ली में उपद्रवियों को रोकने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन से संदिग्ध इलाकों में नजर रखी जा रही है। इसके साथ में लगातार बढ़ रही हिंसा के मद्देनजर असामाजिक तत्वों और और उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है।
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लगातार हो रही हिंसा में 56 पुलिसकर्मी समेत 200 लोग घायल हो गए हैं। इस हिंसा में घायल हुए लोगों में डीसीपी और एसीपी भी शामिल हैं। दिल्ली के दुर्गापुर इलाके में आज भी आगजनी की गई। जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी फुटेज से सामने आई हैं।

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सुरक्षाबल हिंसा प्रभावित इलाकों में मार्च कर रहे हैं। सुरक्षाबलों के जवान हिंसाग्रस्त इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं और लाउडस्पीकर से दंगाईयों को देखते ही गोली मारने के आदेश की जानकारी दे रहे हैं।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने कहा है कि कुछ न्यूज एजेंसी ऐसी खबरें चला रही हैं कि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि गृह मंत्रालय से जरुरत के मुताबिक सुरक्षाबल नहीं मिल रहे हैं। यह पूरी तरह से गलत है। गृह मंत्रालय लगातार सपोर्ट दे रहा है और हमारे पास पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबल हैं।
जाफराबाद, घोंडा, यमुना विहार, भजनपुरा समेत आसपास के सभी इलाकों के लोगों के चेहरे पर डर मंगलवार को भी पूरे दिन बना रहा। आज छोटी-मोटी हिंसक घटनाओं को छोड़कर ज्यादा कुछ तो नहीं हुआ, लेकिन लोगों की सड़कों पर भीड़ कम नहीं हो रही थी। सीलमपुर से यमुना विहार तक का रोड करीब 5 किलोमीटर का है।

