भगवान महाकाल का नौ दिन नौ रूपों में होगा श्रंगार, रहेंगे ये रूप, जानियेंInteresting Knowledge mythology News 

भगवान महाकाल का नौ दिन नौ रूपों में होगा श्रंगार, रहेंगे ये रूप, जानियें

हम सभी जानते है कि महाशिवरात्र अब बहुत ही नजदीक है। जहां ऐसे में ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शुक्रवार के दिन से शिव नवरात्र का उल्लास छाएगा। तो ऐसे में भगवान महाकाल दूल्हा बनेंगे। संध्या आरती में नौ दिन तक भगवान का नौ रूप में शृंगार होगा। जहां शिव नवरात्र के नौ दिनों में भोग आरती व संध्या पूजन का समय बदल जाएगा। गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश भी सीमित होगा।

यहां मनाया जाता है शिव नवरात्र उत्सव

वहीं, पुजारी बताते है कि बता दें कि देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में भगवान महाकालेश्वर ऐसा एकमात्र ज्योतिर्लिंग है। जहां शिव नवरात्र उत्सव मनाया जाता है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी से त्रयोदशी तक नौ दिन शिव नवरात्र मनाई जाती है। इन नौ दिनों में दूल्हे बने राजा महाकाल का अलग-अलग स्वरूपों में दिव्य श्रृंगार किया जाता है।

होगी महापूजा

जानकारी के लिए बता दें कि त्रयोदशी के दिन महाशिवरात्रि पर महानिषाकाल में महाकाल की महापूजा होती है। रात्रि पर्यंत पूजा-अर्चना के बाद चतुर्दशी पर तड़के चार बजे भगवान के शीश फूल व फलों से बना सेहरा साजाया जाता है। इस दिन शिव नवरात्र उत्सव का समापन होता है तथा मंदिर समिति पुजारियों के उपवास का पारणा कराती है।

यहां की जाएगी पूजा

आपको बता दें कि शिव नवरात्र की शुरुआत शुक्रवार सुबह आठ बजे कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित भगवान श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर में शिव पंचमी के पूजन के साथ होगी। पुजारी कोटेश्वर महादेव का अभिषेक पूजन कर उन्हें हल्दी चढ़ाएंगे। करीब एक घंटे पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद सुबह नौ बजे से गर्भगृह में भगवान महाकाल की पूजा होगी। इसके बाद 11 ब्राह्मण लघु रुद्र का पाठ करेंगे। पूजन का यह क्रम महाशिवरात्रि तक चलेगा।

यह होंगे दर्शन के रूप नौ दिनों तक

  1. दिन : भगवान महाकाल का चंदन से शृंगार किया जाएगा। नया सोला व दुपट्टा धारण कराया जाएगा। मुकुट, मुंडमाला, छत्र आदि आभूषण से श्रृंगार होगा।
  2. दिन : शेषनाथ शृंगार
  3. दिन : घटाटोप शृंगार
  4. दिन : छबीना शृंगार
  5. दिन : होल्कर शृंगार
  6. दिन : मनमहेश शृंगार
  7. दिन : उमा महेश शृंगार
  8. दिन : शिव तांडव शृंगार
  9. दिन : बाबा का सजेगा सेहरा

ऐसे बनता है बाबा का सेहरा

जानकारी के लिए बता दें कि महाशिवरात्रि पक सप्तधान रूप में शृंगार कर फल व फूलों से बना सेहरा सजाया जाएगा। सोने के आभूषण धारण कराए जाएंगे। वहीं, महाकाल मंदिर में प्रतिदिन सुबह 10 बजे भोग आरती तथा शाम पांच बजे संध्या पूजा होती है। नौ दिनों में अभिषेक-पूजन का विशेष क्रम होने से भोग आरती दोपहर एक बजे तथा संध्या पूजन दोपहर तीन बजे होगी।

Related posts

Leave a Comment