नीरव मोदी की संपत्ति हुई कुर्क
केंद्र सरकार ने देश का एक बहुत बड़ा घोटाला कर देश से भाग जाने वाले कारोबारी नीरव मोदी पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है । प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ लगभग 14000 करोड़ का घोटाला किए हुए नीरव मोदी पर कार्यवाही करनी शुरू कर दी है ।
ई डी ने नीरव मोदी की लगभग 637 करोड रुपए की संपत्ति को जब्त कर लिया है । 637 करोड़ रुपए की संपत्ति को बेचकर ई डी घोटाले के पैसे को रिकवर करने की कोशिश करेगी । विशेषज्ञों का कहना है कि ई डी के लिए नीरव मोदी की ज़ब्त संपत्ति को बेचकर पैसा रिकवर करना थोड़ा मुश्किल होगा ।
विशेषज्ञों ने इस मामले में ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि एक घोटाला देश में और भी हुआ जिसका नाम 2जी स्कैम है । 2जी स्कैम में ज़ब्त की गई संपत्ति को आज भी पूरी तरीके से बेचा नहीं जा सका है । 2 जी स्कैम के मामले में ई डी ने लगभग 200 करोड़ रुपए की ज़ब्त की थी ।
विशेषज्ञों ने इसका दूसरा कारण यह बताया है कि जब चीजों को ज़ब्त किया जाता है तब उनकी कीमत का आकलन जो भी किया जाता है । उसी कीमत को बेचने के लिए बताया जाता है परंतु बेचने के बाद हमें वह असल कीमत भी नहीं मिल पाती । उन्होंने बताया कि ऐसा ही एक घटना फरवरी में सामने आया तब उन्होंने 5100 करोड़ का सोना और डायमंड ज़ब्त किया औऱ उसे नीलाम करने के बाद उसकी कीमत केवल लगभग 2000 करोड़ रुपये निकली ।
ई डी के विशेषज्ञों ने बताया कि जब संपत्ति कुर्क की जाती है तो उस समय घर , कार आदि चीजें भी ज़ब्त की जाती है और उसकी पूरी देखरेख की जिम्मेदारी एजेंसी की होती है । यह एक अपने आप में बड़ी समस्या है जो सरकार के लिए भी काफी मुश्किलें खड़ी करती है ।
इसके साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया में हमेशा से ही लंबा वक्त लगता रहा है । जब तक न्यायालय आरोपी को दोषी मान नहीं लेता तब तक हम संपत्ति को बेच नही सकते । ई डी ने बताया कि आरोपी के प्रॉपर्टी को बेचने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । जिसकी वजह से प्रॉपर्टी की कीमत पहले से काफी कम हो जाती है और घोटाले में की गई राशि को भी पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हो पाता है ।

