मोदी और चीन के राष्ट्रपति की मुलाकात में नहीं होगी कश्मीर पर कोई चर्चा
भारत द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने के बाद पाकिस्तान ने विश्व के लगभग सभी देशों की तरफ रुख किया। मगर विश्व का कोई भी देश उसका साथ देने के लिए तैयार नहीं हुआ। यहां तक कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी बेज्जती झेलनी पड़ी और उसने भी कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। मगर चीन एक ऐसा देश था जिसने क्षेत्र की आलोचना की थी। मगर अब चीन भी पाकिस्तान का इस मुद्दे पर साथ छोड़ने जा रहा है।
दरअसल अगले महीने भारत के प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति एक अनौपचारिक सम्मेलन में मुलाकात होने वाली है। चीन के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि दोनों देश के नेताओं की इस मुलाकात में जम्मू कश्मीर के बारे में कोई भी बातचीत नहीं होगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह दोनों नेताओं पर निर्भर करता है कि वह किस विषय में बातचीत करते हैं।
एक अनौपचारिक सम्मेलन में होगी मोदी और चीन के राष्ट्रपति की मुलाकात
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता चुनइंग ने बताया कि अगले महीने एक अनौपचारिक सम्मेलन में होने वाली मुलाकात में मुझे नहीं लगता कि दोनों देशों के बीच जम्मू कश्मीर कोई मुद्दा होगा। उन्होंने कहा कि यह दोनों देश के नेताओं पर ही छोड़ दिया जाए कि वह किन विषयों पर बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के अलावा भी भारत और चीन के बीच कई ऐसे अन्य मुद्दे हैं जिन पर बातचीत करनी आवश्यक है। जम्मू कश्मीर का विषय चीन ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया था मगर उसकी बात को वहां पर नहीं सुना गया।
अन्य मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
पिछले वर्ष वुहान में हुई भारत के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के बीच मुलाकात के बाद उसी मुद्दे को इस बार भी आगे बढ़ा जा सकता है। इस मुलाकात में दोनों देशों के नेताओं के बीच डोकलाम में हुए विवाद के बारे में चर्चा की गई थी। 2017 में 73 दिनों तक भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम में विवाद था।
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