लिव इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दे पर गुदगुदाती है “लुका छुपी”
फिल्म “लुका छुपी” समाज में चल रहे “लिव इन रिलेशनशिप” जैसे मुद्दे पर हँसते-मुस्कुराते हुए एक गंभीर मैसेज देती है।फिल्म देखते हुए हँसते-हँसते आपका पेट भी फूल सकता है।
फिल्म में दिखाया गया है की छोटे शहरों में लिव इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दे को आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता है! वहां आज भी कई जगह लड़का-लड़की बिना एक दूसरे को देखे ही शादी करने को तैयार हो जाते हैं। ऐसी परस्थिति में लिव इन जैसे मुद्दे अपराध की श्रेणी में आते हैं।
फिल्म “लुका छुपी” की कहानी मथुरा के लोकल न्यूज़ रिपोर्टर गुड्डू (कार्तिक आर्यन) और मथुरा की संस्कृति के ठेकेदार और नेता त्रिवेदी जी (विनय पाठक) की बेटी रश्मि (कृति सेनन) की है| जो एक-दूसरे से प्यार करते है।लेकिन वो दोनों एक-दूसरे को थोड़ा ज्यादा समझना चाहतें है। ऐसे में लिव इन में रहने के लिए दोनों ग्वालियर जा कर रहने का फैसला करते है। दोनों एक माकन किराए पर ले कर शादी-शुदा बन कर रहने का नाटक करते है। आगे क्या-क्या मुश्किलें आती है, फिल्म उस बारे में है।

फिल्म को लिखा है रोहन शंकर ने और फिल्म को डायरेक्ट किया है, लक्ष्मण उतेकर ने।लक्ष्मण उतेकर, इससे पहले कई साऱी फिल्मो में सिनेमेटोग्राफ्री कर चुके है।
एक्टिंग की बात करें तो गुड्डू के रोल में कार्तिक आर्यन पूरी तरह से ईमानदार और सहज नजर आते हैं। हर दृश्य चाहे वो कॉमेडी हो, रोमांटिक हो या बेबसी का हो उन्होंने हर रंग को बेहतरीन ढंग से निभाया है। कृति सेनन भी उनका भरपूर साथ निभाती नज़र आती है। इन दोनों की जुगलबंदी और आपसी तालमेल आपको फिल्म में बांधे रखती है। इसके अलावा पंकज त्रिपाठी और अपारशक्ति खुराना ने अपनी चिरपरिचित शैली के अनुसार काम किया है। फिल्म में इन दोनों का मौजूद होना फिल्म में एक नई जान फूंक देता है।

Writer, Storyteller, Dreamer

