उत्तर प्रदेश में हुआ जय जवान,जय किसान म्यूजियम का उद्घाटन
देश को जय जवान,जय किसान का नारा देकर युवाओं में जोश भरने वाले औऱ मातृभूमि के लिए सब कुछ बलिदान करने की प्रेरणा देने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को समर्पित लाइव म्यूजियम का उद्धघाटन सूबे के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा किया गया ।
इस ऐतिहासिक मौके पर शास्त्री जी के पुत्र सुनील शास्त्री, अनिल शास्त्री, सूबे के संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई । यह उत्तर प्रदेश का पहला लाइव म्यूजियम है जोकि लाल बहादुर शास्त्री जी को समर्पित है । यह कोलकाता के टैगोर म्यूजियम और गुजरात के साबरमती म्यूजियम की रूपरेखा जैसा ही बनाया गया है ।
गौरतलब है कि लाल बहादुर शास्त्री जी के लाइव म्यूजियम बनाने का प्रमुख उद्देश्य यह है कि म्यूजियम देखने आने वाले लोगों को लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन शैली का पता चले और उसे लोग अपने दैनिक जीवन में आत्मसात कर सकें । इस लाइव म्यूजियम को ऐसा बनाया गया है कि शास्त्री जी के बैठक से लेकर सोने का कमरा, अध्ययन कक्ष आदि सब कुछ वैसा ही दिखेगा जैसा उनके जिंदगी के दिनों में रहा था । पैतृक आवास में छप्पर की छत, मिट्टी का चूल्हा–चौका, सुतरी वाली खटिया , पुराने समय के दरवाजे-खिड़की और दीवार पर टंगी हुई लालटेन भी दिखेगी।
लाल बहादुर शास्त्री जी को समर्पित यह जय जवान,जय किसान म्यूजियम बनने में लगभग 12 साल का समय लग गया । लाल बहादुर शास्त्री जी के पैतृक आवास को एक धरोहर के रूप में संजोए रखने और उनके जीवन शैली से जुड़े हुए हर चीजों को संरक्षित करके रखने का उद्घोष मुलायम सिंह जी ने अपने मुख्यमंत्री रहते हुए किये थे ।
मायावती के शासनकाल में केवल इस म्यूजियम का जीर्णोद्धार हुआ था । उसके बाद अखिलेश यादव जी के शासनकाल में उनके बगल के मकान को खरीद कर उसे म्यूजियम बनाने की कवायद शुरू हो चुकी थी । उसके बाद योगीराज आने के पश्चात म्यूजियम बनाने का कार्य काफी तेजी से हुआ और अब म्यूजियम पूरी तरीके से तैयार हो गया है ।

