ईरान-अमेरिका तनाव में भारत ने अपनाया यह ज़रूरी कदम
ईरान-अमेरिका तनाव पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी वाला मसला बनता जा रहा है|ताजा घटनाक्रम में ईरान ने अमेरिका का जासूसी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद इसकी पुष्टि पूरी दुनिया के सामने कर दी है|
इसी के तुरंत बाद गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का आदेश दे दिया हालांकि अपने अफसरों से चर्चा करने के बाद उन्होंने तत्काल यह फैसला बदल दिया| इस बीच भारत भी इस पूरे मसले पर पैनी नजर गड़ाए हुए है और उसने भी फारस की खाड़ी में अपने 2 युद्धपोत को तैनात कर दिया है| यह जलमार्ग भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उसका 40% ऊर्जा आयात इसी जल मार्ग पर निर्भर करता है|
ईरान-अमेरिका तनाव पर भारतीय नौसेना की तैयारी
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा के मुताबिक भारत ने फारस की खाड़ी और उसके समुद्री इलाकों पर नजर रखने के लिए आईएनएस चेन्नई और आईएनएस सुनयना को तैनात कर दिया है| यह फैसला समुद्री सुरक्षा कारणों के कारण लिया गया है| यह युद्धपोत भारतीय व्यापारिक जहाजों और उनके साझेदारो की सुरक्षा करेंगे|
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दुनिया भर में एनर्जी आयात का यह सबसे मुख्य जल मार्ग है| आपको बता दें कि बुधवार को हार्मोज्गान प्रांत में अमेरिका के जासूसी ड्रोन को मार गिराया था| इसके बाद गुरुवार को भारत के समय के हिसाब से 12:30 बजे अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला करने की आशंका जताई गई थी लेकिन बाद में यह फैसला रद्द कर दिया गया| अमेरिका ने शुक्रवार को अपने विमानों को ईरान और ओमान की खाड़ी से होकर गुजरने पर रोक लगा दी है|
पूरा घटनाक्रम तब हुआ है जब अमेरिका ने पिछले साल खुद को दोनों देशों के बीच हुए परमाणु समझौते से अलग कर लिया था| इसके बाद ईरान ने ऐलान किया कि वह 2015 में हुए परमाणु समझौत कि कुछ शर्तों को नहीं मानेगा| इस तनाव के बाद से अमेरिका में तेल की कीमतों में 6 % प्रतिशत से भी अधिक की बढ़त हुई है| इससे भारत समेत दुनिया के लिए तेल आयात करना महँगा हो सकता है|
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

