जाने आखिर किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है, उनके मृत शरीर का किया जाता है ऐसा हाल
यूँ तो हमारे समाज में किन्नरों को सामान्य इंसान की दृष्टि से नहीं देखा जाता, लेकिन किन्नरों से जुडी बातें जानने के लिए हर व्यक्ति उत्सुक रहता है. जी हां किन्नरों की हर बात वास्तव में सामान्य लोगो से अलग होती है. यही वजह है कि उनका अंतिम संस्कार भी अलग तरीके से किया जाता है. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है, ये आज हम आपको बताएंगे. बहरहाल किन्नरों के अंतिम संस्कार करने के तरीके के बारे में जान कर आप भी हैरान रह जायेंगे. हालांकि शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा, जिसने कभी किसी किन्नर का अंतिम संस्कार होते हुए देखा होगा. इसलिए आज हम आपको इस जानकारी से रूबरू करवाएंगे.
जाने आखिर किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है
जी हां तो चलिए अब आपको बताते है कि आखिर किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है. सबसे पहले तो हम आपको ये बता दे कि किन्नरों का अंतिम संस्कार बाकी सामान्य महिलाओ और पुरुषो की तरह नहीं किया जाता, क्यूकि इनकी जाति महिलाओ और पुरुषो से काफी अलग होती है. यही वजह है कि इनका रहन सहन, खाना पीना यहाँ तक कि बोलना भी बाकी अन्य लोगो से बेहद अलग होता है. आपको जान कर हैरानी होगी कि जब किसी किन्नर की मौत होती है, तब उसके शरीर पर बंधी हुई सभी चीजों को खोल दिया जाता है. दरअसल ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उनकी आत्मा पूरी तरह से मुक्त हो सके.
किन्नर के मृत शरीर का किया जाता है ऐसा हाल
जी हां ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उनकी आत्मा किसी भी बंधन में बंधी न रहे. बस इतना सब करने के बाद किन्नर के मृत शरीर को किसी सफेद कपड़े में लपेट दिया जाता है. केवल इतना ही नहीं इसके बाद सभी किन्नर मिल कर मृत किन्नर के शरीर पर जूते चप्पल तक मारते है. हालांकि ये पढ़ने में आपको काफी अजीब लग रहा होगा, लेकिन ये सच है. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि किन्नर के पापो का प्रायश्चित हो सके. हालांकि ये बात अलग है कि उन्होंने भले ही अपने जीवन में कोई पाप किया हो या न किया हो, लेकिन इस दुनिया में उनका किन्नर बन कर आना ही सबसे बड़ा पाप माना जाता है.
इसके इलावा आम लोगो से विपरीत किसी भी किन्नर का अंतिम संस्कार रात के समय किया जाता है, ताकि कोई व्यक्ति उनकी शव यात्रा को देख न सके. दरअसल ऐसा माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति किन्नरों की शव यात्रा को देख लेता है, तो वह अगले जन्म में किन्नर ही बनता है. बहरहाल किन्नर भले ही हिन्दू हो या मुस्लिम लेकिन उनके शव को हमेशा दफनाया ही जाता है. यहाँ तक कि किसी भी किन्नर के मरने पर शोक की बजाय ख़ुशी मनाई जाती है. वो इसलिए क्यूकि उस किन्नर को अपनी नर्क समान जिंदगी से मुक्ति जो मिल जाती है.
बहरहाल इसे पढ़ने के बाद तो आप समझ ही गए होंगे कि किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है और उनके मृत शरीर को किस दयनीय स्थिति में विदा किया जाता है.
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hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।




