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GOOD FRIDAY : जानिए आखिर क्यों और कब मनाया जाता है गुड फ्राइडे?

गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के लोगों द्वारा कैलवरी में ईशा मसीह को सुली पर चढाने के कारण हुई मृत्यु के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मानवता की भलाई के लिए उन्होंने अपनी प्राणों की आहुति दे दी थी।

यीशु के इसी बलिदान दिवस को गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाता है। दुनिया भर के ईसाई समुदाय के तमाम धर्मालम्बी इस दिन चर्च जाकर अपने आराध्य प्रभु यीशु को याद करते हैं और उनकी प्राथना करते हैं।

कब मनाया जाता है गुड फ्राइडे?
गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे, या ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है। गुड फ्राइडे हर साल अप्रैल या मई महीने में मनाया जाता है। इस बार यह त्यौहार 30 मार्च को मनाया गया। जिस दिन प्रभु यीशु को सुली पर लटकाया गया था उस दिन फ्राइडे था इसलिए यह त्यौहार पवित्र सप्ताह के दौरान मनाया जाता है, जो इस्टर संडे से पहले पड़ने वाले शुक्रवार को आता है।

क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे?
ईसाई धर्म ग्रंथों के अनुसार यीशु का कोई कसूर नहीं था फिर भी उन्हें क्रॉस यानी की सुली पर लटका कर मृत्युदंड दिया गया। अपने हत्यारों को कोसने के बजाए उस समय उन्होंने उनके प्रार्थना ही की। यीशु ने कहा था – ‘हे प्रभु । इन्हें क्षमा कर दीजिए क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं’।

जिस दिन उन्हें सुली पर लटकाया गया था उस दिन फ्राइडे यानी की शुक्रवार था। तब से उस दिन को गुड फ्राइडे कहा जाता है। सुली पर लटकाये जाने के तीन दी बाद यानी की रविवार को ईशा मसीह फिर से जीवित हो उठे थे। इस दिन को इस्टर संडे कहा जाता है।

क्यों लटकाया गया सुली पर?
ईशाई धर्म के अनुसार ईशा मसीह परमेश्वर के पुत्र थे। उन्हें मृत्युदंड इसलिए दिया गया था क्योंकि वो अज्ञानता के अंधकार को दूर करने के लिए लोगों को शिक्षित और जागरूक कर रहे थे। उस वक्त यहूदियों के कट्टरपंथी रब्बियों यानी की धर्म गुरुओं ने यीशु का बहुत विरोध किया।

कट्टरपंथियों ने उस समय के रोमन गवर्नर पिलातुस से यीशु की शिकायत कर दी। रोमन हमेशा इस बात से डरते थे कि कहीं यहूदी क्रांति न कर दे। ऐसे में कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए पिलातुस ने यीशु को सुली पर लटकाकर जान से मारने का आदेश दिया। प्राण त्यागने से पहले यीशु ने कहा था, ‘हे प्रभु । मैं अपनी आत्मा को तेरे हाथों में सौंपता हूँ’।

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