चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को जारी किया एक और फरमान
चुनाव आयोग 17वीं लोकसभा के गठन हेतु होने वाले लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों को पूरी शिद्दत के साथ कर रहा है। यही वजह है कि चुनाव आयोग की ओर से किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं बरती जा रही है। और इस बार चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को एक और फरमान जारी किया है, जी हां चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को एक फरमान जारी किया है जो काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव आयोग के द्वारा जारी किया गया यह फरमान राजनीतिक दलों की एक मंशा पर पानी फेर सकता है।
क्या है राजनीतिक दलों का फरमान –
लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के मतदान में अब केवल 4 दिन शेष बचे हुए हैं, यही वजह है कि राजनीतिक सरगर्मियों के साथ साथ लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है और अब चुनाव आयोग के द्वारा राजनीतिक पार्टियों को एक फरमान जारी किया गया है जिसमें राजनीतिक पार्टियों के द्वारा विज्ञापन पर पाबंदी की बात कही गई है।
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए चुनाव आयोग का रवैया बेहद कठोर माना जा रहा है क्योंकि 2 अप्रैल को निर्वाचन आयोग के आदेश पर झारखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता का तबादला का दिल्ली भेजा गया है, ताकि लोकसभा चुनाव 2019 में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी ना हो सके।
हेलो की लोकसभा चुनाव 2019 के लिए चुनाव आयोग के द्वारा जो फरमान जारी किया गया है उसमें राजनीतिक पार्टियों के द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले विज्ञापनों की चर्चा की गई है जी हां लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सभी राजनीतिक पार्टियों को चुनाव आयोग ने दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि वोटिंग के दिन या वोटिंग से पहले किसी अखबार में कोई भी विज्ञापन नहीं छपना चाहिए आयोग ने कहा है कि अगर किसी भी राजनीतिक पार्टी के द्वारा कोई भी विज्ञापन समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। और चुनाव आयोग ने इस बात को भी स्पष्ट किया है कि अगर राजनीतिक पार्टियां अखबार में कोई भी विज्ञापन प्रिंट करवाती हैं तो उसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और उस राजनीतिक पार्टी पर आचार संहिता के उल्लंघन करने पर आरोपी मानते हुए कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
फिलहाल चुनाव आयोग ने कई राजनीतिक पार्टियों के द्वारा की गई चुनावी सभा के दौरान दिए गए भाषण का पूरा विवरण मांगा है कि आखिर उनके द्वारा दिया गया भाषण क्या आचार संहिता का उल्लंघन करता है या नहीं ! क्योंकि कई राजनेताओं ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ऐसे वादे और तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करते हुए नजर आएं हैं, जिससे देश की जनता को बरगलाने की कोशिश की गई है। फिलहाल चुनाव आयोग इस मामले में कड़ी कार्यवाही करने से एक भी कदम पीछे नहीं हट रहा है, और अब राजनीतिक पार्टियों के द्वारा अगर वोटिंग से 1 दिन पहले भी कोई राजनीतिक विज्ञापन समाचार पत्रों में पाया गया तो उस राजनीतिक पार्टी को आचार संहिता के उल्लंघन का आरोपी माना जाएगा।

Former Desk Web Journalist – Aaj Ka Reporter
Former Desk Web Journalist – Live Samachar
Former Video Editor- Prabhatam Advertising
Desk Web Journalist – YouthExpress.in

