भारत में स्वदेशी तकनीक से बनी अचूक मिसाइल निर्भय का किया सफल परीक्षण
भारत लगातार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्मित उपकरणों का प्रयोग कर रहा है और नए-नए रक्षा उपकरण तैयार कर रहा है। हाल ही में भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत में निर्मित स्वदेशी मिसाइलों की मांग विश्व भर में तेजी से बढ़ रही है। कई देश भारत में निर्मित मिसाइलों को अपने सेना के बेड़े में शामिल करना चाहते हैं। इसी कड़ी में भारत ने अचूक निशाने पर मार करने वाली निर्भय सब सोनिक क्रूज मिसाइल का उड़ीसा रेंज से सफल परीक्षण किया।
सोमवार की सुबह डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी कि डीआरडीओ ने उड़ीसा के समुद्र तट पर स्थित परीक्षण रेंज से सब सोनिक क्रूज मिसाइल निर्भय का सफल परीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह मिसाइल 1000 किलोमीटर तक अचूक निशाना को भेदने में सक्षम है। इस मिसाइल की जद में पाकिस्तान और चीन के कई इलाके आते हैं। यह मिसाइल कुछ ही सेकंड में दुश्मन के इलाके में घुसकर निशाने को नेस्तनाबूद कर सकती है।
डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह मिसाइल अचूक मार करने वाली है और इस मिसाइल को भारतीय तकनीक द्वारा बनाया गया है। इस मिसाइल का डिजाइन भी भारतीय तकनीक द्वारा ही तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्भय मिसाइल 200 से 300 किलोग्राम तक आयुध सामग्री ले जाने में भी सक्षम है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने इसके पहले कई बार इस मिसाइल का परीक्षण किया था। पहली बार 12 मार्च 2013 को इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया जो भी असफल रहा था। 17 अक्टूबर 2014 को दोबारा इस मिसाइल का परीक्षण किया गया जो कि सफल रहा था। 16 अक्टूबर 2015 को किए गए अगले परीक्षण में मिसाइल 128 किलोमीटर जाने के बाद अपने रास्ते से भटक गई थी। 21 दिसंबर 2016 को भी इस मिसाइल का परीक्षण किया गया तब भी यहां अपने रास्ते से भटक गई थी। नवंबर 2017 में इसका अगला परीक्षण किया गया था। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह सभी परीक्षण उड़ीसा के चांदीपुर में स्थित परीक्षण रेंज से किए गए थे
इसके पहले निर्मला सीतारमण जो कि हमारी रक्षा मंत्री हैं वह बता चुकी हैं कि भारत में निर्मित मिसाइलों की मांग विदेशों में तेजी से बढ़ रही है।

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