मध्यप्रदेश में कांग्रेस जोर-शोर से प्रचार करने के लिए तैयार
विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी जोर-शोर से प्रचार कर रही है । लगभग 15 सालों से कांग्रेस मध्यप्रदेश की सत्ता में नहीं है अतः इस बार कांग्रेस के पास एक अच्छा मौका बन सकता है इस तथ्य को कांग्रेस के पार्टी व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अच्छी तरह से समझते हैं ।
कांग्रेस बदलते वक्त को देखते हुए अपना एजेंडा भी बदला है । जहां पर कांग्रेस सरकार 2003 में हिंदुत्व का विरोध करने वाली पार्टी थी । अब वही 2018 में हिंदुत्व के रथ पर आसीन होकर सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है ।
गौरतलब है कि ठीक 15 साल पहले दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने हिंदुत्व का विरोध किया था लेकिन अब कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इस समय केवल चुनाव को लेकर के शिव भक्त , राम भक्त , नर्मदा भक्त के रूप में अपने आप को जनता के सामने ला रहे हैं ।
आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस बार कांग्रेस का युद्ध काफी मजेदार और जोरदार कांग्रेस पार्टी ने भी अब भक्ति वाला रास्ता अपनाया है । कांग्रेस पार्टी अब गाय के संरक्षण को लेकर बात करती है । इसके अलावा पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में यह भी कहा है कि वह हर पंचायत में एक गौशाला बनाने का कार्य करेगी।
कांग्रेस राहुल गांधी को पोस्टरों और मल्टीमीडिया क्षेत्रों के द्वारा ठीक इस प्रकार से लांच कर रही है जैसे कि जवाहरलाल नेहरू थे । गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू की तरह ही राहुल गांधी को पंडित बताया जा रहा है ।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि अगर आने वाले विधानसभा में बजे आती है तो मध्यप्रदेश को एक धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करेगी । इस बाबत पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का फायदा उठाया है जबकि कांग्रेस वास्तव में राज्य और राज्य के लोगों का धार्मिक रूप से विकास करना चाहती है ।
गौरतलब है कि राहुल गांधी लगातार भारतीय जनता पार्टी के हिंदुत्व एजेंडा से ज्यादा मजबूत हिंदुत्व के साथ नजर आ रहे हैं । वह हर मंच से भ्रष्टाचार बेरोजगारी महंगाई और हिंदुत्व रणनीति के तहत पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला कर रहे हैं ।

