लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी इस राज्य में बन सकती है कांग्रेस की सरकार
2014 के लोकसभा चुनावों से जब से कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार में सत्ता से बाहर हुई है तब से लेकर कांग्रेस के दिन बहुत ही खराब रहे हैं। केंद्र सरकार की सत्ता से बेदखल होने के बाद कांग्रेस धीरे धीरे करके 1-1 राज्यों से सत्ता से बेदखल हो गई और अब हालात यह है कि कांग्रेस के पास केवल कुछ गिने-चुने राज्य ही बची हुई है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को एक बार फिर से हार का मुंह देखना पड़ा। हार से पहले कांग्रेस पार्टी या दावा करती रही थी कि यदि केंद्र में उनकी सरकार बन जाती है तो मेघालय की राजनीति में परिवर्तन आ जाएगा। मगर लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद भी कांग्रेस पार्टी अपने इस दावे पर कायम है और उसे उम्मीद है कि अभी मेघालय में उसकी सरकार बन सकती है।
कांग्रेस का सरकार बनाने का दावा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मेघालय में इस समय मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस की सरकार चल रही है। इसकी अगुवाई मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी यानी कि एनपीपी कर रही है। 60 विधानसभा सीटों वाले मेघालय में एनपीपी के 21 विधायक हैं। मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस में शामिल अन्य पार्टियों में यूडीपी, एचएसपीडीपी, पीडीएफ, भाजपा और एनसीपी हैं जबकि कांग्रेस पार्टी को मेघालय विधानसभा चुनाव में 19 सीटें मिली थीं। ऐसे में मेघालय में कांग्रेस प्रवक्ता सॉन्गप्लियांग ने सरकार बनाने के दावे को खारिज नहीं किया है। उनका कहना है कि सबसे अधिक सीटें पाने वाले एनपीपी और उनके बीच केवल 2 सीटों का फासला है। ऐसे में हम सरकार बनाने के दावे को खारिज नहीं कर सकते। कोई भी विधायक कभी भी हमारे पास आ सकता है।
दरअसल हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान मेघालय में भी 2 लोकसभा सीटों पर चुनाव हुए थे। जबकि 1 विधानसभा सीट पर उपचुनाव करवाया गया था। जिसमें से शिलांग लोकसभा सीट की सीट को कांग्रेस अपने पास रखने में कामयाब रही और वह एक लोकसभा सीट तथा विधानसभा सीट को हार गई।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



