Breaking News Environment News 

दिल्ली में प्रदूषण के कारण हालत हुए बदतर

दिल्ली में प्रदूषण के कारण हालत बद से बदतर होते चले जा रहे हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण विजिबिलिटी कम होने के साथ-साथ सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है।

जरूर पढ़ें- दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण को लेकर हाई अलर्ट

आपको बता दें कि एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स की ओर से वायु प्रदूषण को सबसे अधिक जीवन अवधि कम करने वाला कारक बताया गया है। एक अनुमान के मुताबिक टीवी जैसी घातक बीमारी से लोगों का जीवन साढ़े 3 माह कम हो जाता है। वही प्रदूषित वायु में सांस लेने से एक व्यक्ति के जीवन का डेढ़ साल कम हो जाता है। आपको बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि एयर क्वालिटी इंटेक्स 1000 के पार पहुंच गया है। प्रदूषण से उत्पन्न धुंध के कारण आईजीआई एयरपोर्ट से 32 फ्लाइटों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है। दिल्ली के ज्यादातर जगहों पर पीएम 2.5 का स्तर 668 और पीएम 10 का स्तर 999 पहुंच गया है। जो कि भयानक प्रदूषण स्तर का संकेत है।

आपको बता दें कि एक सर्वे के मुताबिक चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। प्रदूषण का स्तर दिन प्रतिदिन बढ़ने के कारण 40 फ़ीसदी लोग दिल्ली छोड़ना चाहते हैं। सर्वे के नतीजों के मुताबिक, एनसीआर में रहने वाले 16 फीसद लोग ऐसे हैं जो प्रदूषण बढ़ने के दौरान देश के दूसरे इलाकों की यात्रा पर जाना चाहते हैं। वहीं 13 फीसद का कहना था कि कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर से निपटने के लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं है। हालांकि, 31 फीसद लोग कहते हैं कि वे दिल्‍ली एनसीआर में ही रहेंगे और प्रदूषण से बचने के लिए एयर प्‍यूरीफायर, मास्‍क का इस्‍तेमाल करेंगे। इस सर्वे में 17,000 लोगों को शामिल किया गया। यह सर्वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कराया गया था। इससे आए खुलासों से पता चलता है कि भयंकर प्रदूषण के कारण देश की राजधानी से ही लोग दूर जा सकते हैं। जो कि भारत के लिए अत्यंत चिंता का विषय है।

Related posts

Leave a Comment