अयोध्या भूमि विवाद सुनवाईNews politics Trending 

अयोध्या भूमि विवाद सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने लिया अहम फैसला

अयोध्या भूमि विवाद सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है| कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से भी सवाल करते हुए पूछा है कि सीबीआई जज एस के यादव के कार्यकाल कैसे बढ़ाया जा सकता है ? उत्तर प्रदेश सरकार को शुक्रवार तक बताना होगा कि इसको लेकर कानूनी प्रावधान क्या है|

अयोध्या भूमि विवाद सुनवाई में सीबीआई जज की याचिका पर कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि जब तक सीबीआई जज एसके यादव फैसला नहीं देते तब तक उन्हें रिटायर्ड ना किया जाए| उसके लिए क्या किया जा सकता है? आपको बता दें कि सीबीआई जज ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए और समय मांगा है|

कथित बाबरी मस्जिद गिराए जाने की साजिश के ट्रायल मामले में सीबीआई जज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की है| पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुनवाई कर रहे सीबीआई जज एसके यादव से पूछा था कि वह किस तरीके से ट्रायल को तय वक्त में पूरा करेंगे कोर्ट यह उन्हें सील कवर लिफाफे में लिखित रूप में बताना होगा|

19 अप्रैल 2017 को 2 साल में ट्रायल पूरा करने के आदेश दिए गए थे| कोर्ट ने जज की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया था|

सीबीआई जस्टिस एस के यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी| याचिका में उन्होंने हाईकोर्ट में उनके प्रमोशन पर रोक लगाने के मामले को उठाया है| उनके प्रमोशन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है|

हईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की बात का अनुसरण करते हुए उनके प्रमोशन पर रोक लगाई है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जज का ट्रांसफर ना हो और रोजाना सुनवाई हो|

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह अनुच्छेद 142 के तहत आदेश जारी करेगा कि 30 सितंबर को रिटायर हो रहे सीबीआई जज एसके यादव रिटायर ना हो सके और इस केस का फैसला सुनाए|

बता दें कि कथित मस्जिद गिराए जाने के मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 12 आरोपियों पर आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा चल रहा है|

 

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